देशनई दिल्ली

राज्यसभा में खरगे के ‘मनुस्मृति’ बयान पर हंगामा, टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाई गई

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। एंटी पेपर लीक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मनुस्मृति वाली टिप्पणी पर राज्यसभा में हंगामा हो गया. सभापति ने खरगे को टोका और कहा कि मनुस्मृति का पेपर लीक बिल से क्या लेना-देना है. बीजेपी ने खरगे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई. खरगे के बयान पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि खरगे के बयान से अशांति फैलेगी. खरगे की टिप्पणी तथ्यों से परे है।

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा था कि नए सिलेबस में मनुस्मृति की चीजें डाली जा रही हैं. हालांकि, हंगामे के बाद खरगे की मनुस्मृति वाली टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाई गई. इससे पहले नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है. मनुस्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें।

क्या कहा था खरगे ने ?
राज्यसभा में चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कुछ वर्षों में 152 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं. लेकिन एक को भी सजा नहीं हुई. सरकार क्या कर रही थी. क्या एजेंसियां सो रही थीं. शिक्षा कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं है. शैक्षणिक संस्थाओं पर आरएसएस का कब्जा है. बजट में छह फीसदी भागीदारी शिक्षा बजट की होनी चाहिए, लेकिन तीन फीसदी से भी कम है. आपका कहना है कि विश्वविद्यालयों में अच्छे शिक्षक, अच्छे वीसी आएं. लेकिन आप जो सिलेबस बदल रहे हैं, उसमें ये भी आ रहा है- शूद्र के वेद पाठ सुनने पर शीशे और जस्ते से उसके कान भर दिए जाए।

वेद मंत्र का उच्चारण करने पर उसकी जीभ काट ली जाए. ये आरएसएस सिलेबस है. ऐसे विचारों की निंदा करता हूं. ऐसी सामग्री को सिलेबस से हटाया जाए. यूनिवर्सिटी में आरएसएस के लोग भरे जा रहे हैं. यूपीए सरकार ने सबको समान शिक्षा के लिए शिक्षा का अधिकार कानून लागू किया. राज्यसभा में खरगे के इस बयान पर जोरदार हंगामा हो गया।

राज्यसभा में लग रहे गुंडागर्दी नहीं चलेगी के नारे, मनुस्मृति पर हंगामा
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने माफी मांगने की मांग करते हुए गुंडागर्दी नहीं चलेगी के नारे लगाए. नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है. मनु स्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें. इस पर प्रकाश डालने के लिए सुधांशु त्रिवेदी एक मिनट बोलें. सुधांशु त्रिवेदी ने बोलना शुरू ही किया था कि सभापति ने उनको टोका. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के एक पूर्व जज विलियम जोंस के साथ ही बाबासाहब डॉक्टर आंबेडकर की किताब को कोट किया और कई किताबों का संदर्भ दिया और कहा कि इसीलिए कह रहा हूं कि ये ऑथेंटिकेट करें. प्रमोद तिवारी ने एक किताब दिखाते हुए कहा कि यह किताब इनके कार्यकाल में छपी है, चल रही है, प्रतिबंधित नहीं है. अगर ये कह रहे हैं, दिखा रहे हैं, तो गलती इनकी है. 12 साल से इनकी सरकार है. जेपी नड्डा ने कहा कि ब्रिटिश टाइम से पहले का ओरिजिनल टेक्स्ट लाइए. नड्डा ने कहा कि ऐसे बयानों से अशांति फैलती है. इस पर सभापति ने खड़गे की ओर से मनुस्मृति वाला बयान एक्सपंज करने का ऐलान कर दिया।

प्रधानमंत्री को छात्रों की ताकत के आगे झुकना पड़ा- खड़गे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि दो महीने से जो हालात बने है, देश में छात्र सड़कों पर आए और प्रधानमंत्री को प्रधान को हटाना पड़ा. युवाओं की ताकत के आगे झुकना पड़ा. अपनी कुर्सी जाने के डर से युवाओं की डिमांड माननी पड़ी. राहुल गांधी उनके आवास के बाहर पहुंच गए, तब उनको लगा कि अब इस बात को बढ़ाना ठीक नहीं है. अपनी कुर्सी बचाने के लिए डर से उनको धर्मेंद्र प्रधान को हटाना पड़ा. छात्र जब महीनों से धरने पर बैठे थे, तब आप क्यों नहीं उनकी बात सुनी. जब वह धरने पर बैठे थे, उसके दो दिन बाद ही नड्डा साहब जाते तो छात्र लाठी नहीं खाते. ये सब नहीं भुगतना पड़ता।

खरगे ने कहा, अमित शाह साहब दिख ही नहीं रहे. छोटी-छोटी बातों पर आकर अपनी बात रखते हैं, इस तरफ क्यों नहीं आते, मुझे मालूम नहीं. प्रधानमंत्री भी मुंह नहीं खोल रहे. आप गृह मंत्री हो, कानून-व्यवस्था देखते हो, दिल्ली में इतनी गड़बड़ी पर भी मुंह नहीं खोल रहे हो. क्या स्टिच लगा लिया है क्या मुंह पर. नहीं, मैं नहीं आऊंगा. आपको जो सबक सिखाया है छात्रों ने, वह फिर आकर सबक सिखा देंगे।

 

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