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एनआईटी रायपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का समापन, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित

रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर में 26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुक्रवार को समापन हुआ। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस वर्ष सप्ताहव्यापी आयोजन की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रही। इसके अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान, निबंध लेखन और वाद-विवाद सहित विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में संस्थान के प्रभारी निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संस्थान के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) डॉ. प्रभात दीवान सहित सहायक सतर्कता अधिकारी डॉ. विवेक अग्निहोत्री, संकाय सदस्य, छात्र समन्वयक और विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. समीर बाजपेयी ने कहा कि प्रतियोगिताएं केवल पुरस्कार प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनमें भागीदारी के दौरान अर्जित कौशल और अनुभव भविष्य में व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में विजेता होना ही महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि उसमें सक्रिय भागीदारी भी अपने आप में उपलब्धि है।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत संस्थान के लिटराटी क्लब की ओर से ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर हिंदी और अंग्रेजी में निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। हिंदी निबंध प्रतियोगिता में राजमणि ने प्रथम और निखिल कौशिक ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, अंग्रेजी निबंध प्रतियोगिता में अक्षांश तिवारी प्रथम, विश्वेश मिश्रा द्वितीय और महेश माणिकपुरी तृतीय स्थान पर रहे।
इसी क्रम में राजभाषा समिति की ओर से ‘शास्त्रार्थ 2.0’ के तहत वाद-विवाद सह भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका विषय ‘तकनीकी पारदर्शिता भ्रष्टाचार को कम कर सकती है, लेकिन सत्यनिष्ठा ही सुशासन की वास्तविक नींव है’ रखा गया था। हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता में ऋषभ गुप्ता ने प्रथम, सिया सिंह ने द्वितीय और स्वप्निल चौबे ने तृतीय स्थान हासिल किया।
संस्थान के मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. प्रभात दीवान ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह का उद्देश्य सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में विद्यार्थी और अधिक उत्साह एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ ऐसी गतिविधियों में भाग लेंगे।
समापन समारोह के बाद संस्थान के अभिनय क्लब ने ‘झूठ का बाजार’ शीर्षक से नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से कलाकारों ने भ्रष्टाचार की सामाजिक चुनौतियों और उसके विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। नाटक के जरिए ईमानदारी, सतर्कता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सामूहिक जागरूकता का संदेश दिया गया।

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