धर्म

पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रथम शिष्य मनोज्ञसागर जी महाराज की संलेखनापूर्वक समाधि

झारखंड (विश्व परिवार)| परम पूज्य पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी गुरुदेव के प्रथम शिष्य पूज्य मुनि श्री मनोज्ञसागर जी महाराज का संलेखनापूर्वक समाधि मरण दिनांक 24 फरवरी 2026 को रात्रि 10:05 मिनिट पर पूज्य आचार्य वैराग्यनंदी जी महाराज के सानिध्य में शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर जी की पावन धरा पर हुआ…!पूज्य मुनि श्री के श्री चरणों में कोटि – कोटि नमन….|
कल शाश्वत सिद्ध भूमि पर ” एक दैदीप्यमान सूर्य ने अपना मानव जीवन सफल कर लिया “|
परम पूज्यनीय 108 आचार्य श्री वैराग्य नंदी जी गुरुदेव के निर्यापकत्व में और अनेक आचार्यों एवं अनेक साधुओं की उपस्थिति में सल्लेखना पूर्वक – अत्यंत शांत परिणामों के साथ समाधि मरण हो गया है |
परम पूज्यनीय चर्या शिरोमणि दीक्षा प्रदाता आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ( ससंघ ) का अंतिम क्षणों तक आशीर्वाद प्राप्त होता रहा |
उल्लेखनीय है कि परम पूज्यनीय 108 आचार्य श्री वैराग्य नंदी जी महाराज ( ससंघ 30 पिच्छी ) द्वारा पूज्य मुनि श्री की अस्वस्थता के चलते गत 2 वर्षों से , अत्यंत वात्सल्यता , समर्पण और आत्मीयता से परिपूर्ण की गयी वैयावृत्ति के परिणाम स्वरूप उनकी 20 वर्षों की तपश्चर्या – मानव जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता को प्राप्त हुई है |

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