रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने एक सराहनीय और मानवीय पहल की है। आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों को राजधानी रायपुर के नंदन वन जंगल सफारी ले जाया गया, जहां उन्होंने खुलकर अपने अनुभव साझा किए और मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना।
इस पहल का उद्देश्य केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव को मजबूत करना भी है। सफारी भ्रमण के बाद गृह मंत्री ने सभी पूर्व नक्सलियों को अपने सरकारी निवास पर भोजन के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर उनके जीवन में आए बदलाव, वर्तमान स्थिति और जरूरतों की जानकारी ली। पूर्व नक्सलियों ने बताया कि आत्मसमर्पण के बाद वे पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और स्थिर जीवन जी रहे हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं और सहयोग के लिए आभार भी जताया। इसी कड़ी में आज सुबह 11 बजे इन सभी को विधानसभा ले जाया जाएगा, जहां वे सदन की कार्यवाही को देखेंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को करीब से समझेंगे। यह पहल राज्य की पुनर्वास नीति के मानवीय और सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो पूर्व नक्सलियों को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है।





