- वित्तीय नियमों में संशोधन किया गया : ओपी चौधरी
- कांग्रेस की संगीता सिन्हा और उमेश पटेल के जवाबों का संतोषपूर्वक उत्तर नहीं देने पर विपक्ष असंतुष्ट
रायपुर (विश्व परिवार)। विधानसभा में आज बजट में सम्मिलित कार्यों को वित्तीय स्वीकृति नहीं दिए जाने तथा फ्लाईएस एवं कोल डस्ट की अवैध डपिंग के प्रकरणों से संबंधी प्रश्रों का उत्तर वित्त एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी द्वारा संतोष पूर्वक नहीं दिए जाने पर विपक्ष सदन से नारेबाजी करते हुए दो बार वाकआउट कर दिया।
विधानसभा में आज संजारी बालोद की कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा द्वारा 2023-24 और 2025-26 के बजट में सम्मिलित कितनी राशि की वित्तीय स्वीकृति दिए जाने पर ओपी चौधरी ने बताया कि हमारे सरकार में वित्तीय नियमों में संशोधन किया है। उन्होंने बताया कि 2012 में 3 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति कार्यों को बढ़ाकर 5 करोड़ किया गया है। संजारी बालोद में करोड़ों रूपए के कार्य स्वीकृति किए गए हैं। श्रीमती संगीता सिन्हा ने कहा कि लोक निर्माण सिंचाई विभाग में जब भी मैं अधिकारियों के पास जाती हूं तो वे कहते हैं कि इसे वित्त विभाग से प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिली है। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद ही कोई भी कार्य स्वीकृत किया जाता है। उन्होंने कहा कि संजारी बालोद में 18 करोड़ के काम की, मैं स्वीकृति नहीं दे सकता। विभागीय कार्य के अनुसार स्वीकृति प्रदान की जाती है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें प्रदेश के कार्यो से कोई मतलब नहीं है। संजारी बालोद में स्वीकृत कार्यो को अनुमति प्रदान करें। ओपी चौधरी द्वारा बार-बार नियमों का हवाला देते रहे। भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार विपक्ष के सदस्यों के कार्यों में स्वीकृति प्रदान नहीं कर रही है, इसलिए सदन से वाक्आउट कर रहे हैं। कांग्रेस सदस्य सदन से नारे लगाते हुए बाहर चले गए।
फ्लाईएस को लेकर पर्यावरण मंत्री से जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाक्आउट कर दिया। कांगे्रस के उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले में संचालित उद्योगों द्वारा अवैध फ्लाईएस एवं कोयला परिवहन के कारण दूषित पर्यावरण हेतु किए कार्ययोजना है। इस पर पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हमने इसके लिए एसओपी बनाया है तथा इस कार्य के निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। पिछले सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। भूपेश बघेल ने कहा कि उस समय लॉकडाउन लगा हुआ था, जिसके कारण कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाक्आउट कर दिया।





