महासमुंद (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और कोमाखान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एम्बुलेंस की आड़ में हो रही गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने 77 किलो अवैध गांजा जब्त करते हुए महाराष्ट्र के 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एम्बुलेंस, पायलेटिंग कार और मोबाइल फोन समेत कुल 50 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस के मुताबिक, ओडिशा से गांजा लेकर एक एम्बुलेंस के महासमुंद की ओर आने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टेमरी जांच नाका में घेराबंदी कर एम्बुलेंस (MH 13 CU 0707) और उसके आगे चल रही पायलेटिंग कार (MH 12 NB 5277) को रोका गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एम्बुलेंस में गांजा छिपाकर ले जाने की बात स्वीकार की। तलाशी में करीब 77 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्कर ओडिशा के बालीगुड़ा क्षेत्र से गांजा लाकर महाराष्ट्र के सोलापुर में खपाने की फिराक में थे। पुलिस को चकमा देने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन सतर्कता के चलते उनका प्लान नाकाम हो गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(II)(C) और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश उर्फ अक्षय जाधव, लिंबाजी जाधव, धनंजय लोखंडे, प्रथमेश पिंगले और अजय काले शामिल हैं, जो महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं।
जब्त संपत्ति में 77 किलो गांजा (करीब 38.50 लाख रुपये), एम्बुलेंस (8 लाख रुपये), पायलेटिंग कार (3 लाख रुपये) और 5 मोबाइल फोन (करीब 95 हजार रुपये) शामिल हैं। कुल जब्ती की कीमत लगभग 50.45 लाख रुपये आंकी गई है।
एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के अनुसार, पिछले चार महीनों में 84 मामलों में 6093 किलो से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है और 221 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के फाइनेंशियल एंगल, सोर्स और डेस्टिनेशन की गहन जांच कर रही है।







