धर्म

उपवास आत्मा की शुद्धि और संयम का महापर्व, ‘हर माह एक उपवास’ महा अभियान में लिया तप-संयम का संकल्प

औरंगाबाद (विश्व परिवार) नगर में नेमिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विराजित अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता, अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में हर माह एक उपवास महाअभियान एवं जैन मंगल महोत्सव का विराट आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना दिया। विशाल धर्मसभा में आचार्यश्री के ओजस्वी एवं प्रेरणादायी प्रवचनों से प्रभावित होकर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हर माह एक उपवास करने का नियम ग्रहण किया, पूरा स्टेडियम नवकार महामंत्र, जयघोष और धर्म जयकारों से गुंजायमान हो उठा। आचार्य श्री ने कहा कि उपवास केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, मन की पवित्रता और संयम का महापर्व है। आज का मानव भौतिक सुखों के पीछे भागते-भागते मानसिक अशांति से घिरता जा रहा है, जबकि तप, त्याग और साधना ही जीवन में वास्तविक शांति और आत्मिक आनंद प्रदान करते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति महीने में केवल एक दिन भी धर्म और तप को समर्पित कर दे, तो समाज और परिवार दोनों में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है। कार्यक्रम के अंतर्गत जन मंगल महोत्सव, मंत्र स्नान एवं जल यज्ञ जैसे धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन विश्व शांति, मानव कल्याण और जनमंगल की भावना के साथ सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ इन अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई। प्रवक्ता राहुल जैन ने बताया कि अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज द्वारा आहूत हर मास एक उपवास महाभियान प्रत्येक माह की 7 तारीख को आयोजित किया जाता है, जिससे देश-विदेश के लगभग 12 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और संस्कार जागरण का वैश्विक आंदोलन बन चुका है। आयोजन में विशेष हीलिंग कल्पवृक्ष हीलिंग फाउंडेशन की प्रियंका दीदी शाह द्वारा आध्यात्मिक हीलिंग सत्र भी आयोजित किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति करवाई। दिशी जैन के मधुर संगीत ने पूरा वातावरण भक्तिमय कर दिया। कार्यक्रम का संचालन नेमिनाथ नवयुवक मंडल अध्यक्ष चिराग दोसी ने किया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्म प्रभावना के इस महाअभियान को घर-घर तक पहुंचाने तथा समाज में तप, त्याग और संस्कारों की अलख जगाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन स्थल को आकर्षक फूलों, धार्मिक ध्वजों एवं भव्य सजावट से सजाया गया था। अनुशासन, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम पूरे आयोजन में देखने को मिला। अंत में मंगल आरती, धर्म लाभ एवं आचार्य श्री के मंगल आशीर्वाद के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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