औरंगाबाद/नवागढ़ (विश्व परिवार)। परम पूज्य प्राकृताचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज के आशीर्वाद से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन द्वारा 12 से 14 अप्रैल 2026 तक आयोजित त्रिदिवसीय प्राकृत प्रशिक्षण कार्यशाला ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। इस कार्यशाला में देशभर से आए 100 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों हेतु प्रशिक्षित किया गया। बुंदेलखंड जैसे दूरस्थ क्षेत्र में इतने भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
कार्यक्रम की सफलता में ब्रह्मचारी जय निशांत भैया जी की सहृदयता एवं क्षेत्र के महामंत्री श्री वीरचंद जी नेकोरा के उत्कृष्ट नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आधुनिक सुविधाओं से युक्त हॉल, उत्तम ध्वनि व्यवस्था, आवास एवं भोजन की श्रेष्ठ व्यवस्था ने आयोजन को महानगर स्तर की गरिमा प्रदान की। उद्घाटन सत्र में थाना प्रमुख श्री पांडे जी की गरिमामयी उपस्थिति रही, वहीं समापन समारोह में विधायक श्री यादवेंद्र जी बुंदेला ने इसे भारतीय संस्कृति और प्राचीन भाषाओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिदिन अभिषेक पूजन, आध्यात्मिक साधना एवं जैन पुरातात्विक स्थलों के भ्रमण ने प्रतिभागियों को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया। इस आयोजन से प्राकृत शिक्षकों की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की संभावना व्यक्त की गई।
विद्वानों ने दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षक के रूप में ब्र. जयकुमार जैन निशांत (टीकमगढ़), विनोद जैन (रजवास), राजकुमार जैन शास्त्री (सागर), डॉ. आशीष जैन आचार्य (शाहगढ़), डॉ. शैलेश जैन (उदयपुर), डॉ. सुनील जैन संचय, डॉ. आशीष जैन शास्त्री (दमोह), डॉ. आशीष जैन (बम्होरी), डॉ. राजेश जैन (ललितपुर), डॉ. निर्मल जैन शास्त्री एवं पवन जैन शास्त्री (दीवान, सागर) द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. ऋषभ चंद जैन, महामंत्री डॉ. आशीष जैन आचार्य सहित समस्त पदाधिकारियों ने नवागढ़ क्षेत्र कमेटी एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला एक सफल “ज्ञान-यज्ञ” के रूप में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद





