- कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष ने दमोह कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
कुण्डलपुर (विश्व परिवार)। अहिंसा, करूणा और शांति का संदेश देने वाले निहत्थे पैदल पद विहारी जैन साधु संतों की सुरक्षा आज अत्यंत चिंताजनक विषय बन चुकी है ।लगातार हो रही दुर्घटनाओं और हमले पर अंकुश लगाने तथा राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने ,विहाररत जैन साधु संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था एवं रीवा में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से 13 फरवरी 2006 को कुण्डलपुर में दीक्षित 58आर्यिका माताजी में से आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी के साथ घटी अमानवीय घटना ने समस्त जैन समाज को झकझोर कर रख दिया है ,इस घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर पटेरा में शांतिपूर्ण मौन रैली निकालकर कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी, कुण्डलपुर स्टाफ, कुण्डलपुर ,पटेरा कुड़ई ,बमनपुरा ,कोटा आदि क्षेत्रीय सकल जैन समाज द्वारा पटेरा थाना पहुंचकर नायब तहसीलदार मानसी अग्रवाल को कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी के कोषाध्यक्ष अशोक सराफ सहित जैन समाज के प्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन सोंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज जनों की उपस्थिति के बीच अशोक बड़कुल, ब्र. श्रद्धा दीदी, विनोद सराफ, राजेंद्र बजाज, महेश सेठ, महिला मंडल, बालिका मंडल पटेरा, कोमल जैन ,राकेश, रतनचंद, वीरेंद्र बड़कुल ,निर्मल कुमार, ताराचंद जैन, संतोष, शुभम ,राजू ,संदेश, अमित बड़कुल आदि कुण्डलपुर की उपस्थिति रही। प्रचार मंत्री जयकुमार जलज ने बताया कि दमोह में विशाल मौन आक्रोश रैली के बीच कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ ने पदाधिकारी सदस्यों के साथ दमोह जिला कलेक्टर माननीय प्रताप नारायण यादव जी को माननीय प्रधानमंत्री, गृहमंत्री मुख्यमंत्री,जिलाधीश महोदय दमोह के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें मांग की गई रीवा में हुई घटना की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए ,राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाए, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए, प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र बने। जो स्वयं निहत्थे होकर भी मानवता को अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं उनकी सुरक्षा करना समाज और शासन दोनों का नैतिक दायित्व है।







