रायपुर (विश्व परिवार)। सोमवार को रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम मुख्यालय भवन के तृतीय तल पर नगर निगम की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यों की जोनवार विस्तृत समीक्षा की, जो लगातार लगभग 6 घंटे तक चली।
महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को कार्यादेश जारी होने के बाद भी विकास कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने पर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम में स्वीकृत सभी विकास कार्यों को समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराना तथा उनकी निगरानी करना नगर निगम मुख्यालय और जोनों के संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं की जिम्मेदारी है।
महापौर ने अपर आयुक्त को निर्देश दिए कि यदि ठेकेदारों पर कार्रवाई हो सकती है, तो कार्यों की गंभीरतापूर्वक निगरानी नहीं करने वाले अधिकारियों और अभियंताओं पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
महापौर मीनल चौबे ने करबला तालाब विकास योजना के कार्य में लापरवाही तथा एमबी (मेजरमेंट बुक) में पाई गई त्रुटियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
महापौर ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान मद, अधोसंरचना मद, 15वें वित्त आयोग मद, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं, राज्य प्रवर्तित योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री की घोषणा, सांसद निधि, विधायक निधि, महापौर निधि, पार्षद निधि, सामान्य निधि, संधारण मद, विकास शुल्क सहित विभिन्न मदों से किए जा रहे विकास कार्यों की जोनवार और मदवार विस्तृत जानकारी ली। साथ ही कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
महापौर ने कहा कि राजधानी रायपुर में विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबे समय से लंबित विकास कार्यों की सूची तैयार कर जवाबदेही तय की जाएगी और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े, अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, इमरान खान, सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता तथा अनुबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे।







