छत्तीसगढ़रायपुर

” शासन द्वारा रिडेवलपमेंट योजना अंतर्गत शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने तथा अन्य कुल पांच परियोजनाओं का टेण्डर हाउसिंग एण्ड इन्फ्रस्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी “

 रायपुर (विश्व परिवार) । छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में 5 प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजनाएं राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत विकसित की जाएंगी। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के तहत मंडल द्वारा प्री-प्रोजेक्ट रिपोर्ट (PPR) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन के लिए पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है।
30 जून 2025 को मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके बाद 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इन पाँचो परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा की गई एवं चर्चा उपरांत अनुमोदन दिया गया। ।
प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर रायपुर, क्लब पारा महासमुंद, कैलाश नगर राजनांदगांव, कटघोरा कोरबा तथा चांदनी चौक फेज-2 जगदलपुर में विकसित की जाएंगी। इन पांचो रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेण्डर बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है।
राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख और विकसित क्षेत्र शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड, के समीप सिंधु भवन के बाजू में स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर और अनुपयोगी सरकारी परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तिय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।
यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया और सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी और जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक एवं उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता और सौंदर्य बढ़ेगा तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल साबित होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।
आयुक्त अवनीश कुमार शरण (भा.प्र.से.) द्वारा आज टी.एल. बैठक में इसकी समीक्षा की गई तथा अगले रिडेवलपमेंट के 8 परियोजनाओं को जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने निर्देश दिया ।

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