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महापौर मीनल चौबे ने किया नए RRR सेंटर का शुभारंभ, ‘Reduce, Reuse, Recycle’ को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर (विश्व परिवार)। आज से स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के तहत रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 2 एवं जोन 7 कार्यालय परिसर में आरआरआर सेंटर का नए स्वरूप में शुभारंभ किया गया। जोन 2 कार्यालय परिसर स्थित आरआरआर सेंटर तथा जोन 7 कार्यालय परिसर स्थित आरआरआर सेंटर का लोकार्पण महापौर मीनल चौबे ने किया।
इस अवसर पर नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौड़, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर, एमआईसी सदस्य महेन्द्र खोडियार, अवतार भारती बागल, दीपक जायसवाल, वार्ड पार्षद कृतिका जैन, रामहिन कुर्रे, शेख मुनीर, आनंद अग्रवाल, जोन 2 जोन कमिश्नर संतोष पाण्डेय, जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्रही, सहायक अभियंता गोविंद साहेब बंजारे, उप अभियंता एसबीएम कृष्णा राठी, संस्कार शर्मा, प्रेरणा अग्रवाल, जोन स्वास्थ्य अधिकारी रवि लावनिया, आत्मानंद साहू, जोन सहायक राजस्व अधिकारी विजय शर्मा, जोन 2 की वैभवलक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह तथा जोन 7 की मां गौरी महिला स्व-सहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक मौजूद रहे।
नए स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर निगम द्वारा एक ई-बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है, जो जोन 2 और जोन 7 के अंतर्गत आने वाले सात-सात वार्डों से नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुओं का संग्रह करेगा। इन वस्तुओं को स्वच्छ भारत मिशन एवं स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के तहत जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर दोनों आरआरआर सेंटर में महिलाओं के लिए सिलाई मशीन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि वे प्रशिक्षण लेकर रोजगार से जुड़ सकें। जोन 2 कार्यालय परिसर स्थित आरआरआर सेंटर का संचालन वैभवलक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह तथा जोन 7 कार्यालय परिसर स्थित आरआरआर सेंटर का संचालन मां गौरी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा।

आरआरआर सेंटर में बर्तन बैंक और झोला बैंक की भी व्यवस्था की गई है। साथ ही पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, प्लास्टिक सामग्री तथा अन्य अनुपयोगी वस्तुओं के संग्रह के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है, ताकि नागरिक आसानी से अपने घरों की उपयोग में नहीं आने वाली सामग्री जमा कर सकें। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी सामग्री पहुंचाने में मदद मिलेगी।
महापौर मीनल चौबे ने बताया कि आरआरआर (Reduce, Reuse, Recycle) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण अवधारणा है। इसका उद्देश्य कचरे को कम करना, उपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग बढ़ाना और अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर संसाधनों का संरक्षण करना है। इससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और सर्कुलर इकोनॉमी मजबूत होगी।
आरआरआर सेंटर में एकत्र उपयोग योग्य वस्तुओं की मरम्मत कर उन्हें जरूरतमंद नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, जो सामग्री पुनः उपयोग योग्य नहीं होगी, जैसे पुराने कपड़े, उन्हें महिला स्व-सहायता समूह थैले, झोले और अन्य उपयोगी उत्पादों में बदलेंगे। शेष अपशिष्ट को अधिकृत रिसाइक्लर्स और प्रोसेसिंग यूनिट्स को भेजा जाएगा।
महापौर मीनल चौबे ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों में उपयोग में नहीं आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की भी मदद हो सके।

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