धर्म

गणाचार्य श्री विरागसागरजी महाराज के तृतीय समाधि दिवस पर जालना में होगा भव्य महामहोत्सव, आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज का मिलेगा मंगल सानिध्य

औरंगाबाद (विश्व परिवार)। बुन्देलखण्ड के प्रथमाचार्य, भारत गौरव, श्रेष्ठ समाधि साधक परम पूज्य गणाचार्य श्री 108 विरागसागरजी महामुनिराज के तृतीय समाधि दिवस महामहोत्सव का भव्य आयोजन शनिवार, 4 जुलाई 2026 को विराग अक्षय समाधि तीर्थ, देवमूर्ति (जालना) में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ आयोजित किया जाएगा।
इस पावन अवसर पर परम पूज्य विराग के चिराग, चम्बल के चंदन, गुरु विराग के लघुनन्दन, भक्तामर महोदधि उच्चारणाचार्य श्री 108 विनम्रसागरजी महामुनिराज (20 पिच्छी ससंघ) का परम मंगल सानिध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। उनके सानिध्य में आयोजित होने वाला यह समारोह गुरु भक्ति, धर्म आराधना और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम बनेगा।
महामहोत्सव में भूतपूर्व न्यायाधीश कैलासचंदजी चांदीवाल, महावीरजी पाटणी (छत्रपति संभाजीनगर), फुलचंदजी जैन (छत्रपति संभाजीनगर) तथा भूषणजी कासलीवाल (चांदवड) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:00 बजे जिनाभिषेक एवं शांतिधारा से होगा। इसके पश्चात 7:00 बजे गुरुचरणाभिषेक शांतिधारा, 7:30 बजे आचार्य परमेष्ठी विधान तथा 9:30 बजे आहार चर्या संपन्न होगी। दोपहर 1:30 बजे गुरु गुणानुवाद सभा में गणाचार्य श्री विरागसागरजी महाराज के तप, त्याग, संयम और आध्यात्मिक जीवन पर श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे।
सांयकालीन कार्यक्रमों में 7:00 बजे लघु नाटिका तथा 8:00 बजे भव्य भजन संध्या का आयोजन अक्षय मंगल कार्यालय, देवमूर्ति, जालना में होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सहभागी बनने की संभावना है।
आयोजन समिति ने बाहरगाँव से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की है। दोपहर 11:30 से 1:30 बजे तथा सायं 5:30 से 7:30 बजे तक भोजन की व्यवस्था रहेगी। साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा से विराग अक्षय समाधि तीर्थ तक आने-जाने के लिए विशेष वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
निवास एवं वाहन व्यवस्था के लिए अजय पहाडे (7972603933) एवं दिलीप बाकलीवाल (9420829674) से संपर्क किया जा सकता है।
यह भव्य धार्मिक आयोजन श्रेयांसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर समिति, विराग अक्षय समाधि तीर्थ एवं सकल दिगम्बर जैन समाज, जालना (महाराष्ट्र) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
गणाचार्य श्री विरागसागरजी महाराज के तृतीय समाधि दिवस पर आयोजित यह महामहोत्सव गुरु भक्ति, संयम, तप और वीतराग धर्म की महिमा का दिव्य संदेश जन-जन तक पहुँचाने वाला एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन सिद्ध होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts