नई दिल्ली (विश्व परिवार)। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के कारण श्री माता वैष्णो देवी यात्रा सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी एहतियातन स्थगित रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई है।
पिछले कुछ दिनों से रियासी क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और मौसम में सुधार तथा यात्रा मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।
इस बीच, रविवार को पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ में सात लोगों की मौत हो गई। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें लापता लोगों की तलाश में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
सुरनकोट उप-जिला अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद यूसुफ ने सात लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि छह शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं, जबकि एक अन्य शव बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि कई लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
बारिश से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने जम्मू स्थित सिविल सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में पुंछ और राजौरी जिलों में बाढ़, भूस्खलन और राहत कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
उन्होंने सभी जिलों को नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखने, लगातार निगरानी करने और समय पर सूचना साझा कर राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।







