हैदराबाद (विश्व परिवार) एनएमडीसी द्वारा भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाते हुए कंपनी के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि भारत के भविष्य के निर्माण में एनएमडीसी की महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि कंपनी ने राष्ट्र की खनिज सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में यात्रा को मजबूत करने की नई प्रतिबद्धता दिखाई है ।
इस कार्यक्रम में विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी), जॉयदीप दासगुप्ता, निदेशक (उत्पादन), कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक), अनुराग कपिल, निदेशक (वित्त), विवेक निशांत नाथ, निदेशक (वाणिज्य) और सी नीलकंठ रेड्डी, सीवीओ, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के साथ उपस्थित थे।
हैदराबाद में एनएमडीसी कॉर्पोरेट कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों को संबोधित करते हुए श्री मुखर्जी ने कहा, जैसे-जैसे भारत अपनी स्वतंत्रता के 80 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, हम एक आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासपूर्ण और पुनरुत्थानशील भारत के सक्रिय निर्माता के रूप में अपनी भूमिका की पुष्टि करते हैं।
एनएमडीसी के लिए पिछले वित्त वर्ष को वास्तव में ऐतिहासिक" बताते हुए, श्री मुखर्जी ने वित्त वर्ष .26 में कंपनी के रिकॉर्ड-ब्रेकिंग प्रदर्शन पर प्रकाश डाला। एनएमडीसी भारत में एक ही वर्ष में 50 मिलियन टन से अधिक लौह अयस्क का उत्पादन करने वाली पहली खनन कंपनी बन गई है, जिसने 53.15 मिलियन टन का रिकॉर्ड उत्पादन और 50.23 मिलियन टन की बिक्री हासिल की।
वित्त वर्ष 27 में भी इस विकास की गति जारी है । वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में, एनएमडीसी ने 15.12 मिलियन टन का रिकार्ड उत्पादन दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 26% की वृद्धि दर्शाता है।
बिक्री 11.73 मिलियन टन रही, जबकि पहली तिमाही का टर्नओवर 6,795 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही से 2% की वृद्धि है। इस गति को आगे बढ़ाते हुए, एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 27 में 60 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने, परिचालन दक्षता में सुधार करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए रणनीतिक पहल इस लक्ष्य का समर्थन करेगी और 2030 तक 100 मिलियन टन के अपने दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा की दिशा में कंपनी की यात्रा को मजबूत करेगी।
एनएमडीसी अपनी विकास रणनीति के साथ लगातार लौह अयस्क के अलावा, कोयला, इस्पात और रणनीतिक खनिजों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है।
एनएमडीसी ने झारखंड में अपनी पहली कोल एसेट, टोकिसुड नॉर्थ कोल माइन को चालू कर दिया है। बैलडीला में, डिपॉजिट-4 और डिपॉजिट-13 की कमीशनिंग कंपनी की प्रोसेसिंग क्षमता को और मजबूत करेगी। एनएमडीसी ने
तांबे और अन्य रणनीतिक खनिजों में अवसरों का लाभ उठाते हुए दुबई में संचालन के साथ अपनी अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति का भी विस्तार किया है।
नगरनार स्टील प्लांट ने एनएमडीसी की डाउनस्ट्रीम उपस्थिति को मजबूत किया है । संयंत्र ने शुरुआत से ही 7 मिलियन टन से अधिक संचयी हॉट मेटल का उत्पादन किया है और लगातार दो तिमाहियों के लिए लाभ अर्जित किया है, जिसमें वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में कर पश्चात लाभ 50.51 करोड़ रुपये शामिल है ।
कंपनी के सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए श्री मुखर्जी ने कहा कि एनएमडीसी की सफलता का सही माप उन
लोगों के जीवन में भी निहित है, जिन पर यह प्रभाव डालती है।
नैगम सामाजिक दायित्व के तहत अपनी प्रमुख बालिका शिक्षा योजना के विस्तार के माध्यम से, एनएमडीसी ने आज तक 783 युवा बालिकाओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित किया है। छू लो आसमान योजना के तहत, इस वर्ष 22 छात्रों के एमबीबीएस में प्रवेश मिलने की उम्मीद है, जो इस पहल के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का प्रतीक है।
श्री मुखर्जी ने एनएमडीसी के खनिकों, इंजीनियरों, अधिकारियों, श्रमिकों और हर परियोजना और कार्यालय में भागीदारों के योगदान को स्वीकार करते हुए कहा कि एक राष्ट्र केवल मशीनों और बैलेंस शीट से नहीं बनता है। यह अपने लोगों के चरित्र, प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत से बना है ।
एनएमडीसी की खनन इकाइयों और कार्यालयों में स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, एकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना के साथ मनाया गया, जिसमें कर्मचारियों और उनके परिवारों ने हर्षोल्लास के साथ भाग लिया।
जैसे-जैसे भारत अपनी विकास यात्रा के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है, एनएमडीसी खनिज उत्पादन का विस्तार
करने, संसाधन सुरक्षा को मजबूत करने, प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने और औद्योगिक विकास का समर्थन करने के लिए
प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में, सीएमडी अमिताभ मुखर्जी और कार्यकारी निदेशकों ने एनएमडीसी द्वारा हिन्दू पत्रिका के सहयोग से आयोजित शतरंज टूर्नामेंट 2026 में जीतने वाले स्कूली बच्चों को और स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित खेलों में भाग लेने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए ।







