रायपुर (विश्व परिवार)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 9 सितंबर 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी देने के साथ ही छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी स्वीकृति दी है।
500 करोड़ से मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन
प्रदेश के युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर देने के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मिशन के तहत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। NIPUN JOB Engine के जरिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 मंजूर
राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए नई निर्यात नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।
नवा रायपुर में बनेगा NSTI
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आवंटित करने को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले संस्थान में हर साल 1,000 प्रशिक्षुओं को दीर्घकालिक और 3,000 को अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष
सरकारी एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कैबिनेट ने बड़ी राहत दी है। अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसका लाभ स्थायी-अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को मिलेगा।
दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन
दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। इससे दुर्ग में आधुनिक न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा।







