रायपुर (विश्व परिवार)। श्रमिकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों के तत्काल समाधान की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) छत्तीसगढ़ प्रदेश के नेतृत्व में रायपुर में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना प्रदर्शन चेतावनी के साथ संपन्न हुआ।
धरने का उद्घाटन भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री राधे श्याम जायसवाल ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएमएस छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह देव ने की। अखिल भारतीय सह उद्योग प्रभारी दिनेश कुमार पाण्डेय एवं प्रदेश महामंत्री शंखचुनी बनाफर सहित विभिन्न महासंघों के पदाधिकारियों ने धरने को संबोधित किया।
धरने में आंगनबाड़ी, विद्युत, आशा, मध्यान्ह भोजन, निर्माण मजदूर, सरकारी कर्मचारी, स्वायत्तशासी कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, कोयला, निजी परिवहन, नॉन-कोल एवं स्टील सहित विभिन्न क्षेत्रों के महासंघों के महामंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्र के श्रमिकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
भारतीय मजदूर संघ ने कॉन्ट्रेक्ट श्रमिकों के वेतन भुगतान के लिए हरियाणा पैटर्न को छत्तीसगढ़ में भी लागू करने, ओपीएस लागू करने, स्कीम वर्कर्स के मानदेय में तत्काल वृद्धि करने, लेबर वेलफेयर बोर्ड के लाभों में वृद्धि करने तथा सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग रखी।
नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन सहित विभिन्न योजनाओं में कार्यरत स्कीम वर्कर्स को सम्मानजनक मानदेय एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। निर्माण श्रमिकों सहित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रभावी एवं व्यापक बनाया जाना आवश्यक है।
बीएमएस नेतृत्व ने सरकार से श्रमिकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल सकारात्मक पहल करते हुए समयबद्ध समाधान करने की मांग की। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने श्रमिकों की मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो भारतीय मजदूर संघ इससे भी व्यापक एवं तीव्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
कार्यक्रम का नेतृत्व बीएमएस छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह देव, प्रदेश महामंत्री शंखध्वनि बनापर, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश पाल, जिला सचिव परमेश्वर कनोज, कार्यालय मंत्री टाटा बाबूराव तथा विभाग प्रमुख कोमल साहू ने किया।
भारतीय मजदूर संघ ने घोषणा की कि श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान एवं सामाजिक सुरक्षा की रक्षा के लिए संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।







