नई दिल्ली (विश्व परिवार)। चुनाव वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर (SIR) को लेकर पूरे देश में जारी प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर रद्द करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने (सस्पेंड) करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी को हटाने और SIR रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया है। हालांकि पूरे मामले में शीर्ष न्यायालय ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया गया है। मामले की सुनवाई अब अगले हफ्ते से होगी।
एसआईआर पर मचे बवाल के बीच सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई की शुरुआत में वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने ज्ञानेश कुमार पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए निलंबन की मांग की। वकील विकास सिंह ने कहा कि आज हर भारतीय नागरिक मुख्य चुनाव आयुक्त की वजह से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि हम सिर्फ ‘न्यूज रिपोर्ट के आधार पर निलंबन का आदेश नहीं दे सकते हैं। इसपर व्यापक परीक्षण (जांच) की जरूरत है। हम याचिका पर नोटिस जारी कर रहे हैं। याचिका का आधार जो न्यूज़ रिपोर्ट है, वह 100 प्रतिशत सही, आंशिक रूप से सही या गलत हो सकती है। हम उसके आधार पर कोई आदेश नहीं दे सकते हैं। हालांकि CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने ECI, ज्ञानेश कुमार और दो अन्य EC को ECI के उन फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है, जो कथित तौर पर एकतरफा लिए गए थे।







