रायपुर (विश्व परिवार)। कलिंगा विश्वविद्यालय ने सामाजिक उत्तरदायित्व, समावेशिता और सामुदायिक सहभागिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट, रायपुर का अपने परिसर में हस्तनिर्मित उत्पादों की विशेष बिक्री का आयोजन किया गया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता (Dean of Student’s Welfare) विभाग के पर्यवेक्षण में कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस पहल ने त्यौहारी उत्सव के आनंद के साथ-साथ समावेशिता और सशक्तिकरण के शक्तिशाली संदेश को एक साथ लाने का काम किया।
इस आयोजन के माध्यम से आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट के विशेष विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, कौशल और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उत्पादों में दीये, तोरण, सजावटी कलश, तुलसी चौरा तथा दीपावली की अन्य आकर्षक सजावटी वस्तुएँ शामिल थीं। प्रत्येक कलाकृति विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, कलात्मक क्षमता, धैर्य और मेहनत को दर्शाती थी। इस प्रकार, यह आयोजन प्रतिभा, आत्मविश्वास और समावेशिता का एक सार्थक उत्सव बन गया।
कलिंगा विश्वविद्यालय की यह पहल इस विश्वास को दर्शाती है कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी एक संवेदनशील, समावेशी और सामाजिक रूप से उत्तरदायी समाज का निर्माण करना भी है। हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराकर विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने, आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने तथा विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के लिए समान अवसरों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। बिक्री से प्राप्त लाभ का उपयोग विशेष बच्चों के दिवाली उत्सव के लिए किया जाएगा, जिससे इस पहल को एक विशेष उद्देश्य प्राप्त हुआ।
हस्तनिर्मित कलाकृतियों को कलिंगा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और फैकल्टी सदस्य आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा, रचनात्मकता और उत्कृष्ट हस्तकला से बेहद प्रभावित हुए। उनकी सराहना और सहभागिता ने युवा कलाकारों का उत्साह बढ़ाया । इस पहल ने यह भी प्रदर्शित किया कि प्रोत्साहन, सम्मान और समान अवसर किसी भी व्यक्ति में आत्मविश्वास विकसित करने तथा अपनी क्षमताओं को गर्व के साथ प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट की टीम का नेतृत्व सुश्री प्रतिष्ठा शुक्ला, प्राचार्य, ने किया। उनके साथ संस्थान के स्टाफ सदस्य सुश्री अनीता साहरे, श्री घनश्याम यादव, सुश्री यामिनी साहू, सुश्री रागिनी द्विवेदी और श्री संदीप साहू उपस्थित रहे। इस पहल में भाग लेने वाले विशेष विद्यार्थी झरना नागार्ची, तमन्ना महानंद, हर्षिता दीप और विकास निर्मलकर थे।
इस आयोजन ने ऐसे समावेशी वातावरण के निर्माण के महत्व को उजागर किया, जहाँ प्रतिभा को पहचान मिले, आत्मविश्वास को प्रोत्साहन मिले और प्रत्येक व्यक्ति को समाज में सार्थक योगदान देने का अवसर प्राप्त हो। साथ ही, इसने विश्वविद्यालय समुदाय को सार्थक उद्देश्य के लिए सहयोग करके और जिम्मेदारी के साथ खरीदारी करके दीपावली मनाने के लिए प्रेरित किया।
ऐसी पहलों के माध्यम से कलिंगा विश्वविद्यालय सहानुभूति, सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और समग्र विकास के मूल्यों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। विश्वविद्यालय की यह पहल दर्शाती है कि त्योहारों का वास्तविक महत्व केवल उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशी, सम्मान और अवसर लाने में भी निहित है। परिसर के विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक सार्थक सामाजिक उद्देश्य से जोड़कर विश्वविद्यालय ने करुणा, सम्मान और सामूहिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को सुदृढ़ किया।
इस पहल का संदेश सरल, लेकिन प्रभावशाली रहा— “उद्देश्य के साथ खरीदारी करें, उनकी प्रतिभा का सम्मान करें और इस दिवाली को विशेष बनाएँ!” विशेष विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई हस्तनिर्मित वस्तुओं को सहयोग देकर कलिंगा विश्वविद्यालय के समुदाय ने दीपावली को प्रतिभा, गरिमा, समावेशिता और साझा खुशियों का उत्सव बनाने में योगदान दिया।







