रायपुर (विश्व परिवार)। बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक सुचारु और प्रभावी बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने रायपुर और दुर्ग-भिलाई-चरोदा के स्काडा/डीएमएस सेंटर की रिमोट ऑपरेशन सुविधा को अपग्रेड किया है। इससे बिजली लाइन या फीडर में फाल्ट आने पर पूरे इलाके की बिजली बंद करने के बजाय प्रभावित हिस्से को रिमोट के जरिए अलग किया जा सकेगा। इससे फाल्ट सुधारने के दौरान अन्य फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति चालू रखने में मदद मिलेगी।
डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने रायपुर स्थित स्काडा/डीएमएस सेंटर में उपस्थित होकर रिमोट ऑपरेशन का परीक्षण किया। इस दौरान 33/11 केवी दलदलसिवनी सबस्टेशन के 11 केवी दयानगर फीडर तथा 33/11 केवी खमतराई सबस्टेशन के 11 केवी गणेश मंदिर और शिव मंदिर फीडरों को रिमोट माध्यम से बंद और चालू करके जांचा गया, जिसका परीक्षण सफल रहा। इसके बाद प्रबंध निदेशक ने रायपुर और दुर्ग-भिलाई-चरोदा के स्काडा नियंत्रण केंद्रों से आवश्यकतानुसार रिमोट ऑपरेशन फिर से करने के निर्देश दिए। स्काडा सेंटर के माध्यम से नियंत्रण कक्ष में बैठे-बैठे फाल्ट से संबंधित क्षेत्र की पहचान कर आवश्यकतानुसार संबंधित फीडर या हिस्से को बंद किया जा सकेगा। पहले फाल्ट का स्थान पता लगाने के लिए बिजलीकर्मियों को मौके पर पेट्रोलिंग करनी पड़ती थी। रिमोट ऑपरेशन की सुविधा से फाल्ट वाले हिस्से को अलग कर सुधार कार्य करने और शेष क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बनाए रखने में सहूलियत होगी।
केंद्र प्रवर्तित आरएपीडीआरपी (RAPDRP) योजना के अंतर्गत रायपुर और दुर्ग-भिलाई-चरोदा में स्काडा/डीएमएस सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से संबंधित शहरों के 33/11 केवी सबस्टेशनों और 11 केवी फीडरों का नियंत्रण किया जाता है। इस प्रणाली के माध्यम से रायपुर के 283 और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के 160 फीडरों का रिमोट ऑपरेशन किया जा सकेगा।
साइबर सुरक्षा संबंधी कारणों से 20 मार्च 2024 को रायपुर और दुर्ग-भिलाई-चरोदा की स्काडा/डीएमएस प्रणाली से रिमोट ऑपरेशन अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए गए थे। पावर वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर के मार्गदर्शन में नियंत्रण केंद्रों के हार्डवेयर, फायरवॉल और एंटीवायरस का उन्नयन किया गया। बाह्य ऑडिट एजेंसी से साइबर सुरक्षा ऑडिट कराया गया तथा ऑडिट में सामने आए अतिमहत्वपूर्ण बिंदुओं के अनुपालन के बाद प्रणाली को रिमोट ऑपरेशन के लिए सक्षम बनाया गया।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (ईआईटीसी) ए.एम. परियल, मुख्य अभियंता (रायपुर शहर क्षेत्र) संजीव सिंह, महाप्रबंधक (वित्त) नवीन कुमार ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सीएसडीसी) शारदा रानी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (ईआईटीसी) जी.के. गंगवानी, कार्यपालन अभियंता प्रशांत कुमार, खिलेंद्र तुमरेकी, शिव कुमार गुप्ता और मुकेश शुक्ला, सहायक अभियंता आनंद कुमार वर्मा, कमलेश कुमार ठाकुर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।








