रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को रायपुर के बॉम्बे मार्केट स्थित चौ. देवीलाल व्यापार उद्योग भवन में डिजिटल सुरक्षा अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव, यूपीआई फ्रॉड, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, फेक प्रोफाइल और बिजनेस ई-मेल हैकिंग जैसे विषयों पर व्यापारियों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर के एडिशनल डीसीपी (क्राइम एंड साइबर) गौरव मंडल (आईपीएस) तथा मुख्य वक्ता नेशनल साइबर फॉरेंसिक्स एंड साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट सोनाली गुहा रहीं। उन्होंने डिजिटल लेन-देन के दौरान सतर्कता बरतने और साइबर ठगी होने पर तत्काल कार्रवाई करने की जानकारी दी।
ठगी होने पर शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण
मुख्य अतिथि गौरव मंडल ने कहा कि साइबर अपराधी हर बार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी होने पर शुरुआती 10 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। पीड़ित को तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ठगी की जानकारी मिलते ही संबंधित बैंक को सूचित कर संदिग्ध लेन-देन को रोकने का प्रयास करना चाहिए। शिकायत और एफआईआर के लिए ट्रांजेक्शन आईडी, स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर और संदिग्ध लिंक जैसे डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने चाहिए। इन्हें डिलीट नहीं करना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि रायपुर पुलिस व्यापारियों की सुरक्षा के लिए उनके साथ है और व्यापारी संघों के लिए साइबर हेल्पडेस्क को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
यूपीआई, क्यूआर कोड और फेक प्रोफाइल से रहें सावधान
मुख्य वक्ता सोनाली गुहा ने कहा कि डिजिटल लेन-देन में छोटी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने व्यापारियों को यूपीआई और क्यूआर कोड का सुरक्षित इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्यूआर कोड स्कैन करने और यूपीआई पिन दर्ज करने से पहले लेन-देन की प्रकृति समझना जरूरी है। पैसा प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन बताने या दर्ज करने की जरूरत नहीं होती।
उन्होंने बिजनेस ई-मेल हैकिंग से बचने के लिए बड़े भुगतान से पहले संबंधित कारोबारी से फोन पर भुगतान विवरण की पुष्टि करने तथा ई-मेल खातों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि व्हाट्सऐप या दुकान के नाम से बने किसी फर्जी प्रोफाइल से पैसे मांगे जाने पर वीडियो कॉल या किसी अन्य विश्वसनीय माध्यम से पहचान की पुष्टि करनी चाहिए।
गुहा ने व्यापारियों को अपने संस्थानों के कंप्यूटर और अन्य डिजिटल सिस्टम में अलग-अलग मजबूत पासवर्ड रखने, समय-समय पर पासवर्ड बदलने तथा कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण देने की सलाह भी दी। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक करने और मुफ्त उपहार का लालच देने वाले संदिग्ध संदेशों से बचने की अपील की। साथ ही संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी जोर दिया।
परिवार और कर्मचारियों को भी करें जागरूक: सतीश थौरानी
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यापारी को सतर्क रहने के साथ अपने परिवार और संस्थान के कर्मचारियों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा को लेकर इस तरह की कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए, ताकि व्यापारी साइबर अपराधों से बचाव के उपायों को समझ सकें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि गौरव मंडल और मुख्य वक्ता सोनाली गुहा को चेम्बर की ओर से पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन चेम्बर उपाध्यक्ष लोकेश चंद्रकांत जैन, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं रायपुर संभाग प्रभारी जसप्रीत सिंह सलूजा तथा कार्यक्रम प्रभारी सोनिया साहू सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। अंत में चेम्बर उपाध्यक्ष मनीष प्रजापति ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया, सलाहकार गुरजीत सिंह संधु, वाइस चेयरमैन चेतन तारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकिशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, विनय बजाज, कार्यकारी महामंत्री कपिल दोशी सहित चेम्बर के अनेक पदाधिकारी, महिला चेम्बर के प्रतिनिधि, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे।







