छत्तीसगढ़रायपुर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की OTS-2 योजना में 62.5% संपत्तियां बिकीं, मार्च 2027 तक मिलेगा छूट का लाभ

रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट (OTS-2) योजना के तहत अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है जिसमें कुल 1,659 संपत्तियां जिनका मूल्य ₹251.71 करोड़ है।
योजना के अंतर्गत कुल 2,656 संपत्तियां विक्रय के लिए शामिल की गई थीं, जिनमें से केवल 997 संपत्तियां अभी विक्रय के लिए शेष हैं। इन शेष संपत्तियों का कुल मूल्य ₹134.40 करोड़ है।
मंत्रिपरिषद की 19 जनवरी 2025 को आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा निर्मित ऐसी आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के एकमुश्त निपटान के लिए लागत मूल्य (बेस रेट) पर छूट देकर विक्रय की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जो पांच वर्ष से अधिक समय से विक्रय नहीं हो पाई थीं।
इसी निर्णय के अनुरूप वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई। योजना के अंतर्गत संपत्तियों के रिक्त रहने की अवधि तथा संबंधित परियोजना में रिक्त संपत्तियों के अनुपात के आधार पर 10, 20 एवं 30 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया।
इससे पूर्व मंडल द्वारा सितंबर 2021 से मार्च 2024 (One Time Settlement) योजना के अंतर्गत कुल लगभग ₹511 करोड़ मूल्य की 2,591 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को शामिल किया गया था। इस योजना के माध्यम से कुल ₹88.28 करोड़ मूल्य की 506 संपत्तियों का विक्रय किया गया। जिसका विक्रय का प्रतिशत 17.27 रहा।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल मुख्यालय में मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने दिनांक 23 अक्टूबर को OTS-2 योजना की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने शेष संपत्तियों के विक्रय में तेजी लाने उपलब्ध शेष संपत्तियों में लिफ्ट, मरम्मत, रखरखाव एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने निर्देशित किया साथ ही इच्छुक हितग्राहियों को उपलब्ध संपत्तियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के लिए रायपुर, नवा रायपुर एवं दुर्ग में आवास रथ शुरू करने के भी निर्देश दिए।
आयुक्त ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक संभावित खरीदारों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि इच्छुक एवं पात्र हितग्राही योजना के अंतर्गत निर्धारित छूट का लाभ उठा सकें।
OTS-2 योजना के अंतर्गत मंडल की विभिन्न परियोजनाओं एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां उपलब्ध हैं। इनमें प्रमुख रूप से नवा रायपुर (कैपिटल प्रोजेक्ट), जोन-03 रायपुर, जोन-02 रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, राजनांदगांव, रायगढ़, जशपुर, कोंडागांव, कोरिया (प्रोजेक्ट डिवीजन), कोरबा एवं दंतेवाड़ा शामिल हैं।
इच्छुक नागरिक संबंधित मंडल कार्यालयों से संपर्क कर उपलब्ध संपत्तियों, उनकी कीमतों तथा योजना के अंतर्गत लागू छूट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की अवधि मार्च 2027 तक निर्धारित है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद मंडल की संपत्तियों पर इस योजना के अंतर्गत छूट का लाभ उपलब्ध नहीं होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts