रायपुर

YUVA CAIT का स्वदेशी संदेशः 21,000 मिट्टी के दीये बांटकर बढ़ाया स्थानीय कारीगरों का सम्मान

रायपुर (विश्व परिवार)। दीपावली के पावन पर्व के अवसर पर YUVA CAIT छत्तीसगढ़ द्वारा आज जयस्तंभ चैक, रायपुर में 21,000 मिट्टी के दीयों का वितरण किया गया। इस पहल के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।

YUVA CAIT छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष कांती पटेल, प्रदेश महामंत्री रतनदीप सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष भरत भूषण गुप्ता ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कुम्हारों एवं मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगरों के परिश्रम को सम्मान देना तथा उनके उत्पादों को प्रोत्साहित कर उन्हें आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान करने के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।

इस अवसर पर कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी ने आम नागरिकों एवं समस्त व्यापारियों से अपील की कि वे इस दीपावली पर विदेशी एवं कृत्रिम सजावटी उत्पादों के स्थान पर मिट्टी के पारंपरिक दीयों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि मिट्टी का एक छोटा-सा दीया न केवल हमारे घरों को रोशन करता है, बल्कि किसी स्थानीय कारीगर के परिवार में भी खुशियों की रोशनी लेकर आता है।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल एक विचार नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने का संकल्प है। जब हम स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद खरीदते हैं, तब हम उनके हुनर, मेहनत और आत्मसम्मान को प्रोत्साहित करते हैं। दीपावली जैसे पावन त्योहार पर स्वदेशी उत्पादों को अपनाना हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

YUVA CAIT छत्तीसगढ़ ने इस अभियान के माध्यम से संदेश दिया कि दीपावली का वास्तविक उत्सव तभी सार्थक होगा, जब त्योहार की खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचें और स्थानीय कारीगरों के घरों में भी समृद्धि के दीप प्रज्वलित हों।

आइए, इस दीपावली संकल्प लें कि मिट्टी के दीये अपनाएं, स्वदेशी को बढ़ावा दें और स्थानीय कारीगरों के जीवन में खुशियों के दीप जलाएं।

इस अवसर पर कैट, युवा कैट, महिला कैट एवं ट्रांसपोर्ट कैट के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे:- अमर पारवानी, परमानंद जैन, सुरिन्द्रर सिंह, जीवत बजाज, अवनीत सिंह, भरत जैन, कैलाष खेमान, जय नानवानी, हीरा माखीजा, कान्ति पटेल, रतनदीप सिंह, भरत भूषण गुप्ता, विक्रांत राठौर, हिमांषु वर्मा, संदीप गुप्ता, गुरमीत सिंह, ठाकुर लुल्ला।

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