रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए सतत् संघर्षशील, घर-घर अलख जगाना है, छत्तीसगढ़ राज्य बनाना है, छत्तीसगढ़ी भाषा को कामकाज का भाषा बनाएं, शत-प्रतिशत छत्तीसगढ़ियों को रोजगार दिलाने, छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को मुख्य धारा से जोड़ने, छत्तीसगढ़ की खनिज सम्पदा का भारत एवं छत्तीसगढ़ के विकास के लिए दोहन वनक्षेत्र का रकबा बढ़ाने, धान सहित किसानों के फसल का समर्थन मूल्य का बाजार बनाने एवं समर्थन मूल्य दिलाने जैसे मुद्दों को लेकर 16 मई 1965 से छत्तीसगढ़ राज्य का शंखनाद करने वाला दल छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी (छसपा), सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज, छत्तीसगढ़ी बेरोजगार संघ, विश्वविद्यालय महाविद्यालय शालेय छात्र संघ, छत्तीसगढ़ी संयुक्त किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ी महिला मोर्चा, छत्तीसगढ़ी छात्रसंघ, छत्तीसगढ़ी मजदूर संघ ने संयुक्त रूप से अभियान छेड़ा और आज 26 वर्ष पूर्ण हुए राज्य में राज्य जलसा प्रथम मनाकर छत्तीसगढ़ के निर्वाचित सरकार को राज जलसा मनाने के लिए बाध्य करने वाला राज्य आंदोलनकारियों का 27वाँ राज्योत्सव राजधानी के 31 अक्टूबर को साहू धर्मशाला टिकरापारा, रायपुर में कार्यकर्ता शिविर सम्मेलन के रूप में प्रारंभ होगा जो छत्तीसगढ़ 26 वर्ष में क्या पाया, क्या खोया और छत्तीसगढ़ियों की स्थिति क्या है। छत्तीसगढ़ के 55 लाख एकड़ भूमि बाहरी शोषकों ने बेच खाया, सचिव, जिलाधीश, एसडीएम, आरआई, पटवारी, पंजीयन कार्यालय भ्रष्टाचारी दस्तावेज बनाकर देश को कर रहे हैं कंगाल, पर होगी गोष्ठी। लगभग 28 जिलों के पदाधिकारी प्रमुख कार्यकर्ता राज्य आंदोलनकारी होंगे शामिल। कार्यक्रम का संचालन चेतन देवांगन, लालाराम वर्मा, विमल ताम्रकार करेंगे प्रमुख अतिथि राज्य आंदोलनकारी सर्वश्री अनिल दुबे, जी.पी. चंद्राकर, दीनदयाल वर्मा, भुवनलाल पटेल, सतनम साय, परसराम ध्रुव, महेन्द्र कौशिक, अशोक कश्यप, गोवर्धन वर्मा, वेगेन्द्र सोनबेर, चन्द्र प्रकाश साहू, बृजबिहारी लाल साहू, श्यामूराम सोन, शिव बेहरा, गणपति पटेल, चूड़ामणि पटेल, रामसिंग कंवर, राधा बाई सिन्हा, मुन्नूबाई पटेल, रितु महंत, छन्नू साहू, लक्ष्मी निषाद, योगेन्द्र यादव होंगे शामिल।
दूसरे सत्र में छत्तीसगढ़ राज्य स्थल छत्तीसगढ़ी भवन के सामने राजनांदगाँव जिले के मशहूर छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम धरोहर चंदैनी गोंदा का कार्यक्रम रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होकर सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन से जुड़े 7 आंदोलनकारी सर्वश्री महेन्द्र कौशिक (कवर्धा), स्व. रामदास महंत (कोरबा), स्व. तुलसी महंत (कोरबा रामपुर), गोवर्धन वर्मा (बलौदाबाजार), वेगेन्द्र सोनबेर (रायपुर), श्यामूराम सेन (रायपुर), परसराम ध्रुव (तिरपुर, महासमुंद) का सम्मान मेमेन्टो शाल श्रीफल फूल-माला से किया जाएगा। स्व. आंदोलनकारियों के परिजनों को सम्मान से नवाजा जाएगा और सम्मान राज्य आंदोलनकारियों के नाम का उन्हें प्रमाण दिया जाएगा। जिस पर मुख्य अतिथि के रूप में इतिहास के प्रोफेसर एवं छत्तीसगढ़ के इतिहासकार डाऊ के.के. अग्रवाल, इंजी. जी.पी. चंद्राकर, पूर्व पार्षद डी. डी. नगर छगन चौबे, राज्य आंदोलनकारी नेतृत्वकारी अनिल दुबे द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम की आगे कड़ी में राज्य आंदोलनकारी स्थल मोमिनपारा, हांडीपारा, ललिता चौक, तात्यापारा चौक के बच्चों की पढ़ाई कम्प्यूटर शिक्षा से संबर्धी मोमिनपारा को कम्प्यूटर प्रदान छत्तीसगढ़ी भवन के मुखिया श्री जागेश्वर जी द्वारा प्रदत्त किया जाएगा अस्वस्थता के कारण राज्य आंदोलनकारी अनिल दुबे छात्र-छात्राओं को उनके प्रतिनिधि एकता परिषद के प्रतिनिधि को सौंपेंगे। जिससे राज्य आंदोलनकारी स्थल क्षेत्र के छात्र लाभान्वित होंगे। वहीं 01 नवंबर को आतिशबाजी का आयोजन छत्तीसगढ़ी भवन से प्रारंभ होगा।






