रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्रारूप मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पूर्व में पंजीकृत मतदाता भी अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि पहले से मतदाता होने के बावजूद फॉर्म-6 भरने पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की ओर से 4 नवंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग के संज्ञान में आया था कि कई ऐसे मतदाता, जिनका नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन वर्तमान प्रारूप सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरने से झिझक रहे हैं।
दरअसल, फॉर्म-6 में आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि उसका नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। ऐसे में पूर्व में पंजीकृत मतदाताओं को आशंका थी कि फॉर्म-6 भरने पर उनकी घोषणा गलत मानी जा सकती है और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
आयोग ने स्पष्ट किया- फॉर्म-6 भरना गलत घोषणा नहीं
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी नागरिक का नाम वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए उसे नए सिरे से फॉर्म-6 जमा करना होगा। भले ही वह पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत रहा हो, ऐसी स्थिति में फॉर्म-6 भरना गलत या झूठी घोषणा नहीं माना जाएगा।
आयोग का यह स्पष्टीकरण दिल्ली उच्च न्यायालय के 14 अक्टूबर 2026 के निर्णय के अनुरूप है। यह निर्णय याचिका संख्या W.P. (C) No. 14955/2026 (निलोत्पल दत्ता व अन्य बनाम भारत निर्वाचन आयोग व अन्य) में दिया गया था। अदालत ने भी इस संबंध में गलत घोषणा को लेकर जताई जा रही आशंका को निराधार बताया था।
फॉर्म-6 भरने पर नहीं होगी दंडात्मक कार्रवाई
निर्वाचन आयोग ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिए हैं कि केवल इस आधार पर किसी आवेदक के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं की जाए कि उसका नाम पहले किसी मतदाता सूची में दर्ज था।
हालांकि, आवेदक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका नाम किसी अन्य संसदीय या विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत न हो और आवेदन निर्धारित कानूनी नियमों के अनुरूप हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की मतदाताओं से अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांच लें। यदि सूची में नाम नहीं है, तो बिना किसी संकोच के समय रहते फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।







