नई दिल्ली (विश्व परिवार)। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ 2026’ का पांचवां संस्करण 5 नवंबर को विशाखापत्तनम में समापन समारोह के साथ संपन्न हो गया।
यह अभ्यास 31 अक्टूबर से 5 नवंबर, 2026 तक आयोजित किया गया। इसमें दोनों देशों के सशस्त्र बलों के जवानों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों की योजना बनाने और उन्हें संचालित करने में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना और आपसी समझ को मजबूत करना था। इसमें संयुक्त उभयचर अभियानों पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्टाफ अभ्यास और टेबलटॉप एक्सरसाइज का हुआ आयोजन
टाइगर ट्रायम्फ 2026 में स्टाफ अभ्यास (स्टाफएक्स) और टेबलटॉप अभ्यास (टीटीएक्स) आयोजित किए गए। स्टाफ अभ्यास के दौरान परिचालन योजना, अकादमिक व्याख्यान और विषय विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श हुआ। इसमें साइबर क्षेत्र और चिकित्सा अभियानों जैसे समकालीन विषयों पर चर्चा की गई। इसके जरिए दोनों देशों के सैन्य कर्मियों को अपने पेशेवर अनुभव और बेहतर कार्यप्रणालियां साझा करने का अवसर मिला।
वहीं, टेबलटॉप अभ्यास के तहत प्रतिभागी सेनाओं ने स्टाफ अभ्यास के दौरान तैयार की गई योजनाओं और अवधारणाओं को एक काल्पनिक परिचालन परिस्थिति में लागू किया। इससे संयुक्त आपदा राहत अभियानों के दौरान आने वाली चुनौतियों और समन्वय की व्यवस्थाओं को लेकर दोनों देशों के बीच साझा समझ विकसित करने में मदद मिली।
दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रहे मौजूद
समापन समारोह में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल विशाल बिश्नोई और अमेरिकी प्रशांत बेड़े के वाइस कमांडर रियर एडमिरल जोआक्विन जे. मार्टिनेज डी पिनिलोस शामिल हुए। इस दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
भारत और अमेरिका के बीच टाइगर ट्रायम्फ अभ्यास पहली बार 2019 में आयोजित किया गया था। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच परिचालन तालमेल और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
अभ्यास के 2026 संस्करण का सफल समापन दोनों देशों की संयुक्त मानवीय सहायता एवं आपदा राहत क्षमताओं को बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा सुरक्षा में योगदान देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।







