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रायपुर CMHO कार्यालय में लाखों की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग

रायपुर (विश्व परिवार)। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय रायपुर में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ ने सवाल उठाए हैं। संगठन ने निजी दोपहिया वाहनों में डीजल भुगतान, फोटोकॉपी के नाम पर लाखों रुपये के बिल और संविदा कर्मचारी को वेंडर बताकर उसके निजी बैंक खाते में शासकीय राशि का भुगतान किए जाने के आरोप लगाए हैं। संगठन का दावा है कि इन मामलों की दस्तावेजों के साथ शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष आलोक मिश्रा ने CMHO मिथिलेश चौधरी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संदिग्ध बिलों, भुगतान प्रक्रिया और बैंक लेन-देन का स्वतंत्र वित्तीय परीक्षण कराने के साथ ही CMHO के चार साल के कार्यकाल की समीक्षा करने की मांग उठाई है।

RTI की जानकारी नहीं देने पर भी उठाए सवाल

संगठन ने CMHO कार्यालय में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी जाने वाली जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप भी लगाया है। आलोक मिश्रा ने सवाल उठाया कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है, तो संबंधित जानकारी देने में आनाकानी क्यों की जा रही है।

प्रेस नोट में यह भी दावा किया गया है कि CMHO मिथिलेश चौधरी के राजनांदगांव में पदस्थ रहने के दौरान शासन को कथित तौर पर करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाने से संबंधित मामला राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में लंबित है। संगठन के अनुसार, RTI के तहत जानकारी मांगे जाने पर जांच जारी होने का हवाला दिया जा रहा है।

संगठन ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ ने रायपुर CMHO कार्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं की तत्काल राज्य स्तरीय जांच कराने, दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए शासकीय राशि की वसूली करने और राजधानी में चार साल से पदस्थ CMHO मिथिलेश चौधरी का नियमानुसार स्थानांतरण करने की मांग की है।

कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। संघ ने कहा कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

हालांकि, ये आरोप संगठन की ओर से जारी प्रेस नोट में लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

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