बिलासपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर द्वारा नगर निगम बिलासपुर के सहयोग से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशन परिसर, प्रमुख बाजार क्षेत्रों तथा सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता रैली निकाली गई एवं नागरिकों को स्वच्छता तथा कचरा पृथक्करण के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर आमजन को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही नागरिकों के मध्य पाम्पलेट वितरित कर कचरे के वैज्ञानिक निपटान एवं स्रोत स्तर पर पृथक्करण की जानकारी प्रदान की गई।
अभियान में बताया गया कि पूर्व में प्रचलित दो डस्टबिन व्यवस्था (गीला एवं सूखा कचरा) के स्थान पर अब चार रंगों के डस्टबिनों का उपयोग किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत हरा डस्टबिन गीले एवं जैविक कचरे, नीला डस्टबिन सूखे एवं पुनर्चक्रण योग्य कचरे, लाल डस्टबिन सैनिटरी अपशिष्ट तथा काला डस्टबिन घरेलू खतरनाक एवं विशेष अपशिष्ट के संग्रहण हेतु निर्धारित किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण सुनिश्चित कर पर्यावरण प्रदूषण को कम करना एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों द्वारा नागरिकों से सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने, प्लास्टिक अपशिष्ट को पृथक रूप से एकत्रित कर पुनर्चक्रण हेतु उपलब्ध कराने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को बताया गया कि प्लास्टिक अपशिष्ट का उचित प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल एवं नगर निगम बिलासपुर ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करते हुए कचरे का पृथक्करण करें तथा स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण-मुक्त बिलासपुर के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएं।







