रायपुर (विश्व परिवार) एम्स रायपुर के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर 15 जुलाई 2026 को एक वैज्ञानिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य
प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्टिव) सर्जरी की बढ़ती भूमिका तथा इससे मरीजों के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यपालक निदेशक, एम्स रायपुर थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एम्स रायपुर का बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग जन्मजात चेहरे एवं हाथ-पैरों की विकृतियों, कटे होंठ एवं तालू (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट), जलने से होने वाली विकृतियों, दुर्घटनाओं में क्षतिग्रस्त अंगों, नसों की चोट, सौंदर्य संबंधी समस्याओं तथा माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन जैसी जटिल सर्जरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि एम्स रायपुर में शीघ्र ही अत्याधुनिक एडवांस्ड बर्न यूनिट की स्थापना की जाएगी, जिससे क्षेत्र में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को और बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देश के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन, शिक्षक तथा सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली एवं जिपमर, पुडुचेरी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. करुण अग्रवाल के विशेषज्ञ व्याख्यान रहे। उन्होंने बच्चों में कटे होंठ एवं तालू के आधुनिक उपचार, प्रेशर सोर (बेड सोर) की रोकथाम एवं उपचार, तथा जलने की घटनाओं से बचाव पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समय पर उपचार, बहुविषयक चिकित्सा पद्धति तथा जन-जागरूकता के महत्व पर विशेष बल दिया।
इस वैज्ञानिक कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य, नर्सिंग अधिकारी, सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षु तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में मरीज एवं उनके परिजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रो. डॉ. करुण अग्रवाल से सीधे संवाद कर कटे होंठ एवं तालू के उपचार, पुनर्निर्माण सर्जरी तथा घर एवं कार्यस्थल पर जलने की घटनाओं से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने उन मरीजों को सम्मानित किया, जिनका सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा द्वारा उपचार किया गया। इनमें कटे होंठ एवं तालू की सर्जरी से मुस्कान और बोलने की क्षमता वापस पाने वाले बच्चे, री-इम्प्लांटेशन, री-वैस्कुलराइजेशन एवं पेरिफेरल नर्व सर्जरी से हाथ-पैरों की कार्यक्षमता पुनः प्राप्त करने वाले मरीज, तथा बर्न रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी से लाभान्वित मरीज शामिल थे। इन सफल उपचारों ने आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी की प्रभावशीलता को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर की कार्यक्षमता, सामान्य रूप-रंग, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को पुनः स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम ने बर्न से बचाव, कटे होंठ एवं तालू के समय पर उपचार, पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा तथा इन बीमारियों से जुड़े अनेक मिथकों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।







