रायपुर (विश्व परिवार)। नवरात्रि में होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर बजरंग दल ने आयोजकों को चेतावनी दी है। संगठन ने कहा है कि गरबा धार्मिक आयोजन हैं, इन्हें सिर्फ मनोरंजन या इवेंट का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। रायपुर जिला सयोंजक भूषण साहू ने कहा कि यदि आयोजकों ने धार्मिक मर्यादा का ध्यान नहीं रखा तो इसका विरोध किया जाएगा। लातों के भूत बातों से कैसे मानेंगे हमें अच्छे से पता है, साथ ही गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक समेत सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े 14 बिंदुओं को लेकर जिला प्रशासन से गरबा समितियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
बजरंग दल ने जिलाधीश को दिए आवेदन में कहा है कि गरबा पंडालों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था होनी चाहिए। प्रवेश-निकास, पहचान और सुरक्षा जांच, सीसीटीवी, महिला सुरक्षा कर्मी और शिकायत की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की गई है। संगठन ने कहा है कि किसी भी तरह की छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या विवाद की स्थिति में आयोजक खुद कार्रवाई करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पुलिस और प्रशासन को सूचना दें
आवेदन में गरबा कार्यक्रमों की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के साथ अश्लील या आपत्तिजनक गतिविधियों, नारे और गानों पर रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही आयोजकों से कहा गया है कि कानून हाथ में लेने या भीड़ के जरिए किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। पंडालों में अग्निशमन, बिजली सुरक्षा, आपातकालीन निकास, प्राथमिक चिकित्सा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था रखने की मांग भी की गई है।
पुलिस बल तैनात करने की मांग
संगठन ने प्रशासन से सभी प्रमुख गरबा पंडालों का निरीक्षण करने और जरूरत के अनुसार पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि इसका उद्देश्य नवरात्रि के दौरान धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के साथ महिलाओं, बालिकाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए गरबा समितियों को 14 बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
गरबा आयोजकों के लिए बजरंग दल के 14 बिंदु
- प्रत्येक गरबा पंडाल में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा स्वयंसेवक एवं आवश्यकतानुसार महिला सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की जाए।
- पंडाल में प्रवेश एवं निकास के लिए व्यवस्थित व्यवस्था रखी जाए तथा भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग की जाए।
- महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए तथा छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार की शिकायत के लिए तत्काल शिकायत व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
- गरबा परिसर एवं प्रवेश-निकास मार्गों पर पर्याप्त CCTV कैमरे लगाए जाएं तथा उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए, ताकि किसी घटना की स्थिति में जांच में सहायता मिल सके।
- पंडाल में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों के साथ समान एवं गैर-भेदभावपूर्ण सुरक्षा नियम लागू किए जाएं। किसी भी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध अथवा कानून-विरुद्ध प्रतीत होने पर आयोजक स्वयं विवाद न करें, बल्कि तत्काल पुलिस/प्रशासन को सूचित करें।
- गरबा एवं पूजा कार्यक्रम की धार्मिक मर्यादा एवं निर्धारित पूजा-पद्धति का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा आयोजक समिति द्वारा कार्यक्रम की व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जाए।
- गरबा पंडाल में अश्लील, आपत्तिजनक अथवा किसी समुदाय/धर्म के प्रति वैमनस्य उत्पन्न करने वाली गतिविधियों, नारे, गाने और सामग्री पर रोक लगाई जाए।
- किसी भी व्यक्ति द्वारा महिलाओं से छेड़छाड़, अशोभनीय व्यवहार, मारपीट, धार्मिक भावनाओं को भड़काने अथवा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किए जाने पर तत्काल पुलिस को सूचना देकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- आयोजक समिति अपने प्रमुख पदाधिकारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था में लगे स्वयंसेवकों की सूची संबंधित पुलिस थाने/प्रशासन को उपलब्ध कराए।
- पंडालों में अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकास, प्राथमिक चिकित्सा तथा भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- ध्वनि-विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रशासन द्वारा निर्धारित अनुमति एवं लागू नियमों के अनुसार ही किया जाए।
- किसी भी प्रकार की अफवाह, सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री अथवा साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वाली गतिविधि पर तत्काल निगरानी रखते हुए प्रशासन को सूचित किया जाए।
- सभी गरबा समितियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए कि कानून हाथ में लेने, किसी व्यक्ति से स्वयं पूछताछ/मारपीट करने अथवा भीड़ द्वारा कार्रवाई करने के बजाय प्रत्येक संदिग्ध या आपत्तिजनक घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए।
- प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख गरबा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल की तैनाती की जाए।








