धर्म

विधानसभा परिसर में गूंजे ‘जय हिंद, जय जिनेंद्र’ के जयकारे, सामूहिक क्षमा वाणी महोत्सव में बोले आचार्य समय सागर-करुणा और दया के बिना धर्म की आराधना संभव नहीं

भोपाल (विश्व परिवार)। विधानसभा परिसर में भोपाल सकल जैन समाज की ओर से सामूहिक क्षमा वाणी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जैन समाज के लोगों ने एक-दूसरे से जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगी। आयोजन के दौरान विधानसभा परिसर ‘जय हिंद, जय जिनेंद्र’ के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम की शुरुआत कुंडलपुर के बड़े बाबा आचार्य विद्यासागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आचार्य समय सागर महाराज को शास्त्र भेंट किए। मंगलाचरण के साथ सभी के मंगलमय जीवन की कामना की गई। जनप्रतिनिधियों ने श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।

क्षमा पर्व अंतरमन को मजबूत बनाता है: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर विधानसभा परिसर में आचार्य समय सागर महाराज का आगमन सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आचार्य का स्वागत और वंदन किया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में आचार्य विद्यासागर महाराज के चरण भी विधानसभा परिसर में पड़े थे और यह सुखद संयोग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षमा पर्व व्यक्ति के अंतरमन को मजबूत बनाता है। क्षमा अहंकार का नाश कर जीवन में सरलता और सहजता लाती है। उन्होंने कहा कि शासन के मुखिया के रूप में कई बार कठोर निर्णय भी लेने पड़ते हैं, ऐसे में वह क्षमा याचना करते हैं। आचार्य के आशीर्वाद से सभी के कल्याण की भावना के साथ जनहित के कार्य करने की कामना की।

धर्म के बिना जीवन अधूरा: विधानसभा अध्यक्ष

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि धर्म के बिना जीवन अधूरा है। जैन सिद्धांत में त्याग, कठोरता और समर्पण की भावना दिखाई देती है, जो सभी के लिए अनुकरणीय है।

उन्होंने कहा कि लोग भिंड और मुरैना को अक्सर डकैत प्रभावित इलाके के रूप में जानते हैं, लेकिन यह धारणा सही नहीं है। इन क्षेत्रों में भी प्राचीन मंदिर और आध्यात्मिक परंपराएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारत संतों और ऋषियों की तपस्या की भूमि है। संतों के आशीर्वाद से देश को फिर से विश्व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष ने आचार्य समय सागर महाराज से आशीर्वाद मांगते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में पक्ष और विपक्ष दोनों हैं। सभी में सकारात्मकता और देशभक्ति की भावना बनी रहे, ऐसा आशीर्वाद मिलना चाहिए।

अहिंसा व्यक्ति विशेष नहीं, विश्व धर्म: आचार्य समय सागर

आचार्य समय सागर महाराज ने कहा कि जैन धर्म जातिवाद का धर्म नहीं है। यहां वैराग्य और जीव दया की भावना के साथ अहिंसा की उपासना की जाती है। उन्होंने कहा कि अहिंसा किसी व्यक्ति विशेष का विषय नहीं, बल्कि विश्व धर्म है। प्रत्येक जीव सुख और शांति चाहता है और क्षमा धर्म की उपासना के बिना सुख-शांति संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि करुणा, दया और अनुकंपा के बिना धर्म की आराधना नहीं हो सकती। रिश्तों में विचारों के अंतर से क्रोध की अग्नि पैदा होती है, जिसे क्षमा रूपी जल से शांत किया जा सकता है। इसके लिए संयम की औषधि और आत्मानुशासन आवश्यक है।

आचार्य ने कहा कि आत्मानुशासन के बिना विश्व पर शासन करना कठिन है। राम, कृष्ण, गौतम और नानक ने भी अहिंसा को आधार बनाकर विश्व कल्याण की भावना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अहिंसा का प्रभाव सभी पर पड़े, यही लोकतंत्र के इस मंदिर में भावना होनी चाहिए।

जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की रही मौजूदगी

आयोजन समिति के प्रमुख पंकज सुपारी, मनोज बांगा, मनोज प्रधान और अखिलेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का सम्मान किया। आचार्य समय सागर महाराज की अगवानी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और अधिकारियों ने की।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप, महापौर मालती राय, महामंत्री राहुल कोठारी, विधायक भगवान दास सबनानी, हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन ओम जैन सहित ब्रह्मचारी भाई-बहन, त्यागी-व्रती और प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए श्रद्धालु शामिल हुए।

स्वागत भाषण पंकज जैन ने दिया, जबकि आभार मनोज बांगा ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन नितिन नांदगांवकर ने किया। आयोजन की जानकारी समिति के मीडिया प्रवक्ता सुनील जैनाविन और अंशुल जैन ने दी।

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