नई दिल्ली (विश्व परिवार)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं. राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने भारत के चुनाव आयोग तंज कसते हुए कहा है कि SIR प्रक्रिया के चलते देश में ऐसे नागरिकों की एक नई श्रेणी तैयार हो सकती है, जो नागरिक तो होंगे, लेकिन उनके पास मतदान का अधिकार नहीं होगा।
पी. चिदंबरम का ये बयान तब सामने आया है, जब UAE में भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सूरी ने पंजाब में चल रहे SIR पर सवाल उठाया।
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं. चिदंबरम ने दावा किया कि अब तक सामने आए परिणामों के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत की करीब 10 प्रतिशत (करीब 10 करोड़) वयस्क आबादी के पास मतदान का अधिकार नहीं होगा।
राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम की यह टिप्पणी संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सूरी के उस सवाल के बाद आई है, जिसमें नवदीप सूरी ने पूछा था कि अगर पंजाब में चल रहे SIR के दौरान तीन देशों में देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने में परेशानी हो रही है, तो आम नागरिक का क्या हाल होगा।
नवदीप सूरी, जो मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूत और ऑस्ट्रेलिया में पूर्व उच्चायुक्त थे, ने कहा कि उनके विवरण सत्यापन के लिए इस्तेमाल की गई 2003 की मतदाता सूचियों से मेल नहीं खाते, क्योंकि उस समय वे लंदन में तैनात थे और उन्होंने उस संशोधन में भाग नहीं लिया था।







