रायपुर (विश्व परिवार)। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) छत्तीसगढ़ राज्य परिषद ने उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) के सहयोग से “ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग; रेडीनेस एंड प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर” विषय पर एक परामर्श कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य वैश्विक विनिर्माण एवं प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए छत्तीसगढ़ राज्य की तैयारी का आकलन करने हेतु उद्योगों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त करना था।
यह कार्यशाला भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जुलाई 2026 में आयोजित होने वाले नेशनल डिपार्टमेंटल समिट ऑन इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स से पूर्व शुरू की गई संरचित अंतर-सरकारी परामर्श प्रक्रिया के अंतर्गत आयोजित की गई। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन में दिए गए निर्देशों के अनुरूप प्रारंभ की गई है। राज्यों को DPIIT की अवधारणा पत्र “इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स एंड प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर: स्टेट रेडीनेस फॉर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग” पर आंतरिक परामर्श कार्यशालाएं आयोजित कर 31 मई 2026 तक समेकित राज्य फीडबैक रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु कहा गया है।
इसी प्रक्रिया के अंतर्गत, सीआईआई छत्तीसगढ़ उद्योग विभाग एवं CSIDC के साथ मिलकर उद्योगों एवं हितधारकों से महत्वपूर्ण सुझाव एकत्रित कर रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जा सके और राज्य को वैश्विक विनिर्माण अवसरों के लिए बेहतर रूप से तैयार किया जा सके।
कार्यशाला में विशेष संबोधन छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल द्वारा दिया गया। उन्होंने राज्य में वैश्विक स्तर की औद्योगिक अवसंरचना एवं निवेश-अनुकूल नीतिगत ढांचे के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।
“छत्तीसगढ़ का औद्योगिक परिदृश्य” विषय पर संदर्भ प्रस्तुति छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक विश्वेश कुमार, IFS द्वारा दी गई। उन्होंने राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, उभरते अवसरों एवं एकीकृत अवसंरचना विकास की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिससे छत्तीसगढ़ को एक पसंदीदा विनिर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव रजत कुमार, IAS ने राज्य के प्रमुख फोकस सेक्टर्स एवं DPIIT को प्रस्तुत किए जाने वाले राज्य फीडबैक नोट की रूपरेखा पर विशेष संबोधन दिया।
कार्यशाला के अंतर्गत दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-I में पिलर 1 एवं 2 – भूमि एवं अवसंरचना तथा कनेक्टिविटी एवं गेटवे विषयों पर संबंधित विभागों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई। वहीं तकनीकी सत्र-II में पिलर 3 एवं 4 – कौशल एवं नवाचार तथा नीति, संस्थान एवं विनियम विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस कार्यशाला में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, औद्योगिक संगठनों एवं अन्य प्रमुख हितधारकों की सक्रिय भागीदारी रही। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना के साथ एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सीआईआई की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।







