देशनई दिल्ली

कांग्रेस का नामांकन विवाद बेअसर, भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीटों पर दर्ज की जीत

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। मध्य प्रदेश में भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को पार्टी उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन सर्टिफिकेट दे दिए हैं।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ पार्टी की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी थी। मामले पर चुनाव आयोग ने भी कोई फैसला नहीं दिया है। ऐसे में तीनों सीटों पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही थी।
दरअसल, तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास संख्या बल भी था, लेकिन 9 जून को नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया था। इसके खिलाफ बुधवार दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मुलाकात की थी। कांग्रेस की शिकायत पर आयोग की तरफ से कोई बयान नहीं आया था।
कांग्रेस ने रिजल्ट पर रोक लगाने की मांग की थी
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मामले की सुनवाई आज ही की जाए, क्योंकि नाम वापस लेने की आखिरी समय-सीमा आज दोपहर 3 बजे तक है।
इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें अभी तक याचिका की कॉपी नहीं मिली है, इसलिए जवाब देने के लिए समय चाहिए। सिंघवी ने जवाब में कहा कि अगर सुनवाई अगले दिन भी हो, तो तब तक चुनाव का नतीजा घोषित नहीं किया जाए।
अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून पहले से स्पष्ट है और याचिका को अगले दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। सुनवाई टलने के बाद कांग्रेस ने फिर मांग की कि कोर्ट के फैसले तक चुनाव परिणाम घोषित न किए जाएं।
कांग्रेस ने यह याचिका बुधवार और गुरुवार की रात 1:48 बजे ऑनलाइन दाखिल की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन रद्द करने का फैसला गैरकानूनी, मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से लिया। कांग्रेस ने कोर्ट से इस फैसले को रद्द करने की मांग की है।
सिंघार बोले- न्याय में देरी क्यों?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- कांग्रेस को आज सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। चुनाव आयुक्त चाहते तो कल इस बारे में निर्णय दे सकते थे। खारिज करना या स्वीकार करना, यह विशेष अधिकार चुनाव आयोग को है। हरियाणा में चुनाव आयोग ने हस्तक्षेप किया था, गुजरात में हस्तक्षेप किया था तो एमपी में क्यों नहीं किया?
सिंघार ने भोपाल में मीडिया से कहा- झारखंड में बीजेपी कैंडिडेट को आप (चुनाव आयोग) वैलिड कर सकते हैं तो मीनाक्षी नटराजन के मामले में फैसला क्यों नहीं लिया? इससे स्पष्ट है कि चुनाव आयोग भाजपा के रबर स्टैंप के रूप में काम कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर चुनाव आयोग ने कोई विचार नहीं किया। उनके रिटर्निंग ऑफिसर ने स्पष्ट रूप से नियमों की धज्जियां उड़ाईं।
सुप्रीम कोर्ट ने कल का समय दिया है। मैं समझता हूं कि इसमें न्याय होगा लेकिन न्याय में इतनी देरी क्यों हो रही है? सुप्रीम कोर्ट इस पर निर्णय आज करता तो बेहतर होता क्योंकि आज नामांकन वापसी की लास्ट डेट है

 

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