रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के संगठन चुनाव के बीच अब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनय शील की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद विवाद तेज हो गया है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक और वर्तमान जिलाध्यक्ष पर बिना नाम लिए फर्जी वोटिंग, धमकी-चमकी, गुंडागर्दी और भाजपा के लोगों का सहारा लेने जैसे आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सब बंद नहीं हुआ तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले को सार्वजनिक करेंगे।
विनय शील ने पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इलाके के पूर्व विधायक यूथ कांग्रेस चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप है कि आदिवासी युवाओं को डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें लगातार इसकी शिकायतें मिल रही हैं।
विनय शील बोले- सवाल आदिवासी युवाओं के भविष्य का
अपनी पोस्ट को लेकर मीडिया से बातचीत में विनय शील ने कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि आदिवासी युवाओं को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी शिकायतें आगे भी आती रहीं तो वे यह मामला कांग्रेस के आलाकमान तक लेकर जाएंगे।
विनय शील ने कहा कि मामला सिर्फ चुनाव का नहीं, आदिवासी युवाओं के भविष्य का है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक आदिवासी युवा को संगठन चुनाव हराने के लिए फर्जी वोटिंग और भाजपा के लोगों का सहारा लेना पड़ रहा है।
यूडी मिंज बोले- नाम लेकर शिकायत करें, इशारों में क्यों?
विनय शील के आरोपों पर पूर्व विधायक और वर्तमान जिलाध्यक्ष यूडी मिंज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर विनय शील को किसी से शिकायत है तो वे सीधे नाम लेकर शिकायत करें, इशारों-इशारों में बात क्यों कर रहे हैं।
यूडी मिंज ने कहा कि उन्होंने विनय शील की पोस्ट नहीं देखी है। उनका कहना है कि वे अपने संगठन को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं और कौन उनके बारे में क्या बात कर रहा है, इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है।
पोस्ट में लिखा- ‘तुमसे कांग्रेस नहीं है…’
विनय शील की पोस्ट में भी तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने लिखा कि एक आदिवासी युवा को संगठन चुनाव हराने के लिए फर्जी वोटिंग और भाजपा के लोगों का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही धमकी-चमकी, गुंडागर्दी और फोन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर यह सब बंद नहीं हुआ तो वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक करेंगे।
उन्होंने विरोधियों को संगठन से बाहर निकलकर काम करने की बात भी कही है। पोस्ट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े कई लोगों को टैग किया गया है।
चुनाव से पहले ही सामने आए थे अलग-अलग खेमे
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर इस साल जून में 35 दावेदारों के इंटरव्यू की प्रक्रिया भी सामने आई थी। विनय शील का नाम भी अध्यक्ष पद की दौड़ से जुड़ी चर्चाओं में रहा है। दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग दावेदारों के पीछे कांग्रेस नेताओं के समर्थन की चर्चा होती रही है।
अब आगे क्या?
विनय शील ने कहा है कि यदि उन्हें आदिवासी युवाओं को धमकाने या चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रहीं तो वे मामला कांग्रेस आलाकमान तक ले जाएंगे। साथ ही उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा करने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में विवाद अब सोशल मीडिया पोस्ट से आगे बढ़कर संगठन के भीतर शिकायत और जवाबी बयान तक पहुंचता दिख रहा है।








