- राष्ट्रीय एकता, जीवदया एवं मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए किया जाएगा सम्मानित
भोपाल (विश्व परिवार)। परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की पावन प्रेरणा एवं उनके आध्यात्मिक, साहित्यिक और मानवीय आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्थापित ‘महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण’ से इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्रद्धेय डॉ. मोहन भागवत जी को सम्मानित किया जाएगा। अलंकरण समारोह 28 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आयोजित होगा। यह आयोजन परम पूज्य पट्टाचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं सान्निध्य में संपन्न होगा।
‘महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण’ की स्थापना आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के स्वर्णिम पदारोहण वर्ष 2023-24 के अवसर पर संस्कारधानी जबलपुर में की गई थी। इस अलंकरण का उद्देश्य आचार्य श्री के पवित्र विचारों, आदर्शों एवं लोककल्याणकारी भावनाओं को अपने कार्यों के माध्यम से साकार करने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों का सम्मान करना है।
आयोजकों के अनुसार, डॉ. मोहन भागवत जी ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, जीवदया एवं मानव कल्याण जैसे विषयों के प्रति अपने विचारों और कार्यों से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन्हीं व्यापक राष्ट्रीय एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. मोहन भागवत जी का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक संगठन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन से जुड़ा रहा है। उनके योगदान को सम्मानित करना राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण का अभिनंदन है।
समारोह में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जीवन-दर्शन, साहित्य-साधना, आध्यात्मिक चिंतन तथा मानव कल्याण के संदेश को भी रेखांकित किया जाएगा। आचार्य श्री ने अपने जीवन और साधना के माध्यम से अहिंसा, संयम, करुणा, जीवदया एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों को व्यापक प्रतिष्ठा प्रदान की।
इस आयोजन का संयोजन विद्यासागरोदय (विद्यायतन) समाधि स्मारक समिति एवं चंद्रगिरि तीर्थक्षेत्र, डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) से जुड़े आयोजकों द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों ने इस अलंकरण समारोह को आचार्य श्री के आदर्शों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने तथा राष्ट्र एवं समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के योगदान का अभिनंदन करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया है।







