नई दिल्ली (विश्व परिवार)। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन ने पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है. डॉ. शांतनु सेन ने पार्टी अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा कि मौजूदा समय में राजनीतिक उठापटक और विवादों का हवाला देते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस हारी ही क्या कि ममता बनर्जी के लिए जैसे मानो मुश्किलों का एक साम्राज्य स खड़ा हो गया. तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. जिसका एकदम प्रत्यक्ष उदाहरण पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन के रूप में है।
TMC के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा हालात में पार्टी का बचाव करना अब उनके लिए संभव नहीं रह गया है, और वह अब आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में अपनी भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं हैं. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन ने गुरुवार को पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता पद से इस्तीफा देते हुए ममता बनर्जी को लिखा कि पार्टी के खिलाफ लगातार लग रहे भ्रष्टाचार के बड़े आरोपों से आहत होकर यह कदम उठा रहा. सेन ने गुरुवार को पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे दिया है।
डॉ. शांतनु सेन हाल ही में हुए आरजी कर (RG Kar) अस्पताल के बेहद संवेदनशील मामले से आहत है. कारणों में से एक यह भी बताया कि इस समय पार्टी के खिलाफ लग रहे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के कारण मौजूदा समय में वह पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में अपनी भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं हैं।
डॉ. शांतनु सेन ने इस्तीफा देते हुए कहा कि RG कर मामले और पार्टी के खिलाफ लग रहे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के मौजूदा संदर्भ में, वो अब पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में अपनी भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं हैं।
आपको बताते चले कि वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन से पहले काकोली घोष ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को लिखे पत्र में कहा है कि पार्टी संगठन में सभी पद छोड़ रही हूं।







