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सिपेट, रायपुर में डिप्लोमा / पोस्ट डिप्लोमा कर उज्जवल भविष्य बनाने का सुनहरा अवसर

रायपुर (विश्व परिवार)। केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), रायपुर द्वारा प्रदेश के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जगत के प्रतिनिधियों हेतु दिनांक 12.05.2026 को संस्थान परिसर, भनपुरी, रायपुर में “शैक्षणिक भ्रमण” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मीडिया प्रतिनिधियों को सिपेट में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं, प्रशिक्षण गतिविधियों, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों तथा प्लास्टिक एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी प्रदान करना था।
इस अवसर पर सिपेट, रायपुर के प्रधान निदेशक एवं प्रमुख डॉ. आलोक साहू ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए “प्लास्टिक के क्षेत्र में रोजगार के अवसर एवं सिपेट की भूमिका” विषय पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक की उपयोगिता एवं विशिष्ट गुण के कारण पुरे विश्व में इसकी उत्पादन / मांग निरंतर बढाती जा रही है। हमारे देश में प्लास्टिककी प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष खपत करीब 15.5 किलोग्राम है वही विश्व में ये करीब 32 किलोग्राम है। प्लास्टिक पैकेजिंग के अलावा ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, एग्रीकल्चर, मेडिकल, इंफ्रास्ट्रक्चर इत्यादि के क्षेत्र में
बहुतायत से हो रहा है, जिसके फलस्वरूप प्लास्टिक उद्योगों का विकास भी तेजी से हो रहा है । छत्तीसगढ़ राज्य में भी बहुत से प्लास्टिक के उद्योग हैं और इन उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार , भारत सरकार से सहयोग से सरोना, रायपुर में एक प्लास्टिक पार्क की स्थापना कर रही है, जहाँ सिर्फ प्लास्टिक बनाने वाले उद्योग ही लगेंगे।
भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने संस्थान में स्थापित आधुनिक मशीनों एवं प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया तथा प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग, मोल्ड टेक्नोलॉजी, परीक्षण सुविधाओं एवं कौशल विकास से संबंधित तकनीकी गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन किया। सिपेट रायपुर के प्रमुख डॉ साहू ने जानकारी दी कि सिपेट की स्थापना रायपुर एवं कोरबा में. भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा की गयी है जिसका मुख्या उद्देश्य युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने बताया कि सिपेट की यही विशेषता है कि सिपेट में कोर्स करने के बाद सभी विद्यार्थियों को आसानी से देश के प्रतिष्टित उद्योगों में नौकरी मिल जाती है। सिपेट रायपुर में दो डिप्लोमा कोर्स – डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स टेक्नोलॉजी (DPT), डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स मोल्ड टेक्नोलॉजी (DPMT) , एक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एंड टेस्टिंग (PGD-PPT) और बी टेक (प्लास्टिक इंजीनियरिंग) संचालित किये जाते हैं और सिपेट कोरबा में उपरोक्त दो डिप्लोमा संचालित हो रहे हैं। डॉ साहू ने बताया कि सिपेट के पाठ्यक्रमों में प्रवेश सिपेट एडमिशन टेस्ट (CAT)- 2026 के माध्यम से होती है जिसके लिए पुरे देश में 7 जून 2026 को ऑन लाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑन लाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मई 2026 है , जिसका लाभ प्रदेश के विद्यार्थी उठा सकते हैं I आवेदन करने के लिए https://cipet26.onlineregistrationform.org/CIPET/ पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं I उन्होंने बताया कि संस्थान .में विद्यार्थियों को आधुनिक प्रशिक्षण संसाधन , सर्व सुविधायुक्त बालक / बालिका छात्रावास, शासन की विभिन्न योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति तथा 100 प्रतिशत प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त, मीडिया प्रतिनिधियों को सिपेट, रायपुर द्वारा संचालित निःशुल्क आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान की गई, जो दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य SECL खनन प्रभावित क्षेत्रो के बेरोजगार युवाओं/युवतियों को प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एवं मशीन ऑपरेशन के क्षेत्र में रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे प्रक्षिशण के बाद रोजगार प्राप्त कर अपने पैरो पर खड़े हो पाए। कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने संस्थान की विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा सिपेट की उद्योग एवं समाज के प्रति भूमिका की सराहना की।

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