गरियाबंद (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ में 1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार मनाया जा रहा है, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समाधान शिविर लगाया जा रहा है। इस बीच गरियाबंद जिले में इसका बहिष्कार कर दिया गया है। अमलीपदर तहसील क्षेत्र में आने वाले 16 पंचायत के सरपंच लामबंद होकर आज झरगांव में आयोजित शिविर का बहिष्कार कर तहसीलदार गेंद लाल साहू को हटाने का अल्टीमेटम दे दिया है।
क्या है पूरा मामला ?
ज्ञापन में सरपंचों ने लिखा है कि 7 मई को अमलीपदर में आयोजित शिविर में भोजन का प्रबंध पंचायतों ने मिलकर किया था, लेकिन सरपंच खाना खाने बैठे तो उन्हें तहसीलदार गेंदलाल साहू द्वारा उठा दिया गया। नाराज सरपंचों ने अब इसे सभी सरपंच का अपमान बताकर तहसीलदार को हटाने की मांग रख दिया। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दे दिया है।
तहसीलदार ने भरे मंच से मांगी माफी
इसी बीच तहसीलदार गेंद लाल साहू ने भरे मंच में सफाई देते हुए पहचान नहीं होने से भूल होने की बात कहकर माफी मांगकर मामले को शांत करने को कोशिश किया, लेकिन अपमान को सरपंच भूलने को तैयार नहीं है।
अपमान केवल दो सरपंच का नहीं
सरपंच संघ अध्यक्ष हालमन ध्रुवा एवं पदाधिकारी हेमोबाई नागेश ने कहा कि यह अपमान केवल दो सरपंच का नहीं था।सरकारी आयोजन का बोझ सरपंच उठाए और अपमान भी उन्हीं को सहना पड़े यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पटवारी को भी हटाने की मांग हुई
इसके अलावा शिविर में धारणीधोड़ा और मदागमडा के ग्रामीणों ने भाजपा नेता गोवर्धन मांझी को एक लिखित पत्र देकर हल्का 17 के पटवारी सत्यम सोनकर पर काम के एवज में रकम लेने की शिकायत कर स्थानांतरण करने की मांग किया है।








