धमतरी (विश्व परिवार)। शासकीय भोपाल राव पवार पॉलीटेक्निक, रुद्री के सिविल ब्रांच के अंतिम सेमेस्टर के करीब 13 छात्रों ने एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षक ने व्यक्तिगत कारणों के चलते उनके परीक्षा परिणाम को प्रभावित किया और उन्हें प्रैक्टिकल में फेल कर दिया गया। छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों से शिकायत की है।
छात्रों का आरोप है कि सिविल ब्रांच में पदस्थ शिक्षक गंगाशरण साहू लंबे समय से उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। छात्रों के मुताबिक शिक्षक उन पर अपने निजी काम करने के लिए दबाव भी डालते थे। जब छात्रों ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी दी गई।
छात्रों का आरोप- कहा था, ‘सभी को फेल कर दूंगा’
कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्रों ने अधिकारियों को अपनी शिकायत में बताया कि विरोध करने के बाद शिक्षक ने उन्हें धमकी देते हुए कहा था कि “सभी को फेल कर दूंगा, कैसे पास होगे देखता हूं।”
छात्रों का कहना है कि उन्होंने अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई के दौरान नियमित रूप से मेहनत की। कॉलेज की प्रैक्टिकल कक्षाओं में शामिल होने के साथ उन्होंने निर्धारित परीक्षाएं भी दीं। इसके बावजूद उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल कर दिया गया।
13 छात्रों के भविष्य पर संकट का आरोप
छात्रों का कहना है कि अंतिम सेमेस्टर में फेल होने के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि यदि परीक्षा परिणाम में उनके साथ किसी तरह की अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
छात्रों ने मांग की है कि उनकी कॉपियों, प्रैक्टिकल परीक्षा और परिणाम से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्हें नियमों के अनुसार अंक दिए गए हैं या किसी व्यक्तिगत कारण से उनके परिणाम को प्रभावित किया गया है।
प्राचार्य को भेजा गया मामला, जांच का आश्वासन
मामले को लेकर छात्र कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी। अपर कलेक्टर इंदिरा नवीन सिंह ने छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बताया कि प्रकरण कॉलेज के प्राचार्य को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और परीक्षा परिणाम में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं। फिलहाल छात्रों ने निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।







