देशनई दिल्ली

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 का किया उद्घाटन

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को संविधान सदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में आयोजित विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज (PRIDE) के सहयोग से किया।
देशभर से आए युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि वे उस ऐतिहासिक सदन में खड़े हैं जो भारत की महान लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है और यह हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज है। उन्होंने युवाओं से संविधान से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के रोडमैप पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि देश में 50 लाख से अधिक युवा अब यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम से जुड़े हैं। अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से आने वाले ये युवा एक ही संकल्प से जुड़े हैं विकसित भारत 2047 का सपना साकार करना।
ओम बिरला ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना पूरा करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर है। उन्होंने कहा कि यूथ पार्लियामेंट लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र भारत की कार्य संस्कृति और प्राचीन परंपराओं में गहराई से समाया हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा दुनिया में अद्वितीय रही है और आजादी के बाद इतनी विविधताओं के बावजूद भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनकर उभरा।
उन्होंने संविधान निर्माताओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश की स्थापना के साथ ही सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि भारत ने शुरुआत से ही सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise) अपनाया, जबकि कई देशों में महिलाओं को मतदान का अधिकार काफी देर से मिला।
ओम बिरला ने कहा कि भारत के युवा देश में नवाचार और परिवर्तन के सबसे बड़े इंजन हैं। उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं विज्ञान, तकनीक, कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं और सामाजिक बदलाव की बड़ी ताकत बन रही हैं।
उन्होंने बताया कि देश के कई राज्यों में स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व स्थायी रूप से मजबूत होगा।
उन्होंने युवाओं से कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है जिसमें जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि संविधान सदन में एकत्रित युवा नेता लोकतांत्रिक जिम्मेदारी की भावना को आगे बढ़ाएंगे और भारत को वैश्विक ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

 

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