रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर की वार्षिक साधारण सभा 2 सितंबर 2026 को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, जी.ई. रोड, रायपुर के सभागार में संपन्न हुई। सभा में संघ के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों, सदस्य संस्थाओं तथा सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
वार्षिक साधारण सभा में गत वार्षिक साधारण सभा दिनांक 25 सितंबर 2025 की कार्यवाही का अवलोकन एवं अनुमोदन, वर्ष 2025-26 के वार्षिक प्रतिवेदन पर विचार, वर्ष 2027-28 के प्रस्तावित वार्षिक कार्यक्रम तथा बजट सहित विभिन्न वित्तीय एवं प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की गई।
सभा में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के वित्तीय पत्रकों, वर्ष 2025-26 के आय-व्यय पत्रक तथा वर्ष 2027-28 के प्रस्तावित बजट के अवलोकन एवं अनुमोदन से संबंधित विषय भी रखे गए। वर्ष 2025-26 के स्वीकृत बजट से अधिक एवं कम हुए व्यय के अनुमोदन तथा वर्ष 2027-28 के वार्षिक लेखों की वैधानिक संपरीक्षा कराए जाने की स्वीकृति पर भी विचार किया गया।
संघ मुख्यालय के लिए स्थायी एवं सुविधाजनक भवन पर जोर
सभा में संघ के बढ़ते प्रशासनिक एवं सहकारी शिक्षा-प्रशिक्षण संबंधी कार्यों को देखते हुए संघ मुख्यालय एवं सहकारी प्रशिक्षण केंद्र को अधिक उपयुक्त भवन में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। प्रशिक्षण गतिविधियों, अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य व्यवस्था को देखते हुए दीर्घकालीन दृष्टि से उपयुक्त भवन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
08 जिला सहकारी संघों को राज्य संघ की सदस्यता देने का प्रस्ताव
प्रदेश के 16 जिला सहकारी संघों में से शेष 08 जिला सहकारी संघों—धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, कवर्धा, बलौदा-बाजार, बेमेतरा, महासमुंद एवं गरियाबंद—को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ की सदस्यता प्रदान करने की घोषणा की गई। इससे राज्य एवं जिला स्तर पर सहकारी शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रकाशन, जागरूकता एवं अन्य गतिविधियों में बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा सहकारिता आंदोलन को और मजबूत बनाने में सहायता मिलने की बात कही गई।
अछोटी में आधुनिक प्रेस की स्थापना की पहल
दुर्ग जिले के ग्राम अछोटी में संघ को प्राप्त 02 एकड़ भूमि के सीमांकन का अवलोकन करने तथा उक्त भूमि पर राज्य सहकारी संघ का आधुनिक प्रेस स्थापित करने की दिशा में कार्यवाही शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सहकारी समाचार सहित विभिन्न सहकारी साहित्य, प्रशिक्षण सामग्री एवं प्रचार-प्रसार सामग्री के मुद्रण के लिए बाहरी संस्थाओं पर निर्भरता है। स्वयं का आधुनिक एवं डिजिटल प्रेस स्थापित होने से प्रकाशन कार्य में आत्मनिर्भरता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ मुद्रण व्यय में कमी लाने में मदद मिलने की संभावना है।
डिजिटल तकनीक और AI आधारित कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
संघ के तकनीकी कार्यों को मजबूत करने के लिए सक्षम संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। सूचना प्रौद्योगिकी, ई-लर्निंग, डिजिटल मीडिया, वेबसाइट संचालन, सॉफ्टवेयर विकास, डेटा प्रबंधन, ऑडियो-वीडियो सामग्री निर्माण, शोध एवं प्रकाशन जैसे कार्यों को विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
नई सहकारी शिक्षा-प्रशिक्षण नीति बनाने की तैयारी
सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, संचालकों, कर्मचारियों, सदस्यों एवं आमजन में सहकारिता, प्रबंधन, लेखांकन, वित्तीय अनुशासन तथा आधुनिक तकनीक की समझ बढ़ाने के लिए व्यापक सहकारी शिक्षा-प्रशिक्षण नीति तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया।
प्रस्तावित नीति के तहत वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर, विषय एवं पाठ्यक्रम निर्धारण, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों का पैनल, जिला स्तर पर प्रशिक्षण का विस्तार तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रशिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल सहकारिता, साइबर सुरक्षा, डिजिटल लेखांकन, ई-गवर्नेंस, आधुनिक कृषि, विपणन, वित्तीय प्रबंधन एवं सहकारी संस्थाओं के व्यावसायिक विकास जैसे समसामयिक विषयों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों को बोनस अंक देने का प्रस्ताव
राज्य सहकारी संघ से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति, चयन अथवा अन्य सेवा लाभों में निर्धारित बोनस अंक प्रदान करने के लिए सहकारी संस्थाओं के सेवा नियमों में आवश्यक प्रावधान किए जाने पर भी चर्चा हुई। प्रशिक्षण की अवधि, स्तर एवं परीक्षा/मूल्यांकन के आधार पर मॉडल प्रावधान एवं दिशा-निर्देश तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया।
आधुनिक कंप्यूटर एवं स्टूडियो संसाधनों की खरीदी
संघ के कार्यालयीन कार्यों, प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार तथा छत्तीसगढ़ सहकारी समाचार के प्रकाशन को आधुनिक बनाने के लिए कंप्यूटर, कैमरा, माइक्रोफोन, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण, प्रकाश व्यवस्था, स्टोरेज, प्रिंटर/स्कैनर एवं नेटवर्किंग उपकरण सहित आवश्यक तकनीकी संसाधनों की खरीदी का प्रस्ताव रखा गया। इससे ऑनलाइन प्रशिक्षण, डिजिटल कंटेंट निर्माण तथा सहकारी गतिविधियों के व्यापक प्रचार-प्रसार को गति मिलेगी।
वार्षिक सदस्यता अभिदाय ₹500 से बढ़ाकर ₹5,000 करने का प्रस्ताव
संघ की बढ़ती गतिविधियों, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, प्रकाशन, सूचना-प्रचार तथा तकनीकी संसाधनों की आवश्यकताओं को देखते हुए सदस्य संस्थाओं से प्राप्त वार्षिक सदस्यता अभिदाय को ₹500 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया। इस संबंध में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ से मार्गदर्शन प्राप्त करने का प्रस्ताव है।
सभा में संघ की उपविधियों में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक/अनुषंगी उद्देश्यों को शामिल करने तथा आवश्यक संशोधन किए जाने पर भी विचार किया गया। प्राथमिक सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों तथा सहकारी क्षेत्र की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण, सहकारी शिक्षा, डिजिटलाइजेशन एवं आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
सभा में राज्य संघ के प्राधिकृत अधिकारी सौरभ शर्मा, अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता, विपणन संघ के प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी, हाथकरघा संघ के प्राधिकृत अधिकारी भोजराम देवांगन, संघ के मानसेवी सदस्य एवं सहकार भर्ती प्रदेश महामंत्री कनीराम शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के उपाध्यक्ष नरेश यदु, रायपुर बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, उपाध्यक्ष अमितेश कश्यप, जिला सहकारी संघों के प्रतिनिधिगण, पंजीयक प्रतिनिधि विश्वदीप महोबे, उपायुक्त रायपुर के सहायक विनय कश्यप, संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.सी. ध्रुव सहित संघ के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सभा के अंत में संघ की मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.सी. ध्रुव ने उपस्थित सभी प्रतिनिधियों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।







