कोरबा (विश्व परिवार)। वन मंडल कोरबा ने लकड़ी तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर-जिला स्तर पर सक्रिय एक अवैध तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। वन विभाग ने रायपुर के अभनपुर स्थित आरा मिल से करीब 20 घन मीटर बेशकीमती साल लकड़ी बरामद की है। मामले में कुख्यात लकड़ी तस्कर सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि आरा मिल संचालक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वन विभाग के अनुसार, कोरबा के पुराना बस स्टैंड निवासी सुनील कुमार गुप्ता ने राष्ट्रीयकृत एवं विनिर्दिष्ट वनोपज की श्रेणी में आने वाली साल लकड़ी का अवैध परिवहन कर उसे रायपुर के अभनपुर स्थित मामनचंद हुकुमचंद आरा मिल में बेच दिया था। इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग को धोखा देने का भी प्रयास किया गया।
मुखबिर की सूचना से खुला पूरा मामला
वन विभाग को मुखबिर से अवैध परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद विभाग ने रणनीति बनाकर आरोपी को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की और लकड़ी बिलासपुर में उतारे जाने की जानकारी दी। हालांकि, सख्त पूछताछ के बाद उसने कबूल किया कि चोरी की गई लकड़ी रायपुर के अभनपुर स्थित आरा मिल में बेची गई है।
पांच वन परिक्षेत्र अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई
आरोपी के खुलासे के बाद वन विभाग ने पांच वन परिक्षेत्र अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की। इसमें बालको, पसरखेत, करतला, लैमरू और उत्पादन कुदमुरा के वन परिक्षेत्र अधिकारी शामिल थे। टीम ने रायपुर पहुंचकर संबंधित आरा मिल और टाल में सघन जांच की, जहां से 20 घन मीटर साल लकड़ी बरामद कर ली गई। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और दस्तावेजीकरण भी किया गया।
आरा मिल सील, वाहन भी जब्त
कोरबा DFO प्रेमलता यादव से मिले इनपुट के बाद रायपुर DFO लोकनाथ पटेल के नेतृत्व में वन विभाग ने आरा मिल पर छापा मारा। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध वनोपज मिलने पर आरा मिल को मौके पर ही सील कर दिया गया। इसके अलावा लकड़ी से लदा एक ट्रैक्टर, क्रेन और परिवहन में उपयोग किए गए अन्य वाहनों को भी जब्त किया गया।
चोरी की लकड़ी को वापस लाकर डिपो में रखा गया
विशेष जांच टीम ने आरोपी सुनील गुप्ता की निशानदेही और आरा मिल संचालक की मौजूदगी में लकड़ियों की पहचान कर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद जब्त की गई सभी साल लकड़ियों को वापस लाकर कोरबा जिले के कसनिया डिपो में सुरक्षित जमा कराया गया।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज, आरोपी को भेजा गया जेल
वन विभाग ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी सुनील कुमार गुप्ता को पुलिस के हवाले कर दिया। शासकीय संपत्ति की चोरी और अवैध परिवहन के मामले में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 316(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया। न्यायालय में पेशी के दौरान आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और आदतन तस्करी की प्रवृत्ति को देखते हुए अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वन विभाग का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और पूरे तस्करी नेटवर्क के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई कोरबा और रायपुर वन विभाग के समन्वय से की गई, जिसे विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है।








