मानाकैंप (विश्व परिवार)। नगर पंचायत मानाकैंप स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में शुक्रवार को शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के विधायक मोतीलाल साहू शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शाला गणवेश, पाठ्य सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं राज्य शासन की निःशुल्क नवीन सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। साइकिल मिलने से छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। साइकिल वितरण से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी और वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।
इस अवसर पर विधायक ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक हैं और उनके सर्वांगीण विकास के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान विधायक मोतीलाल साहू ने विद्यार्थियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ नेवता भोज में भी सहभागिता निभाई। बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने के इस आत्मीय दृश्य ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। विद्यालय परिसर में बच्चों का उत्साह और अभिभावकों की खुशी देखते ही बन रही थी।

शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया। विधायक सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। इस दौरान कहा गया कि शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों ही समृद्ध एवं विकसित समाज की मजबूत आधारशिला हैं।
कार्यक्रम में नगर पंचायत मानाकैंप के अध्यक्ष संजय यादव, उपाध्यक्ष के. ऐबु, नगर पंचायत के पार्षदगण, मंडल के पदाधिकारी, विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का प्रेरक संदेश भी दिया गया।
विद्यार्थियों की मुस्कान, शिक्षा के प्रति उनका उत्साह और प्रकृति के प्रति जागरूकता ने यह संदेश दिया कि ऐसे आयोजन ही विकसित, शिक्षित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार करते हैं।








