नई दिल्ली (विश्व परिवार)। अहमदाबाद के 14 स्कूलों सहित कई ठिकानों को बम से उड़ाने की हालिया धमकी के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. अहमदाबाद साइबर क्राइम शाखा की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन धमकी भरे ई-मेल भेजने के लिए जिन ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया, वे बांग्लादेश और पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे. अब गुजरात पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच इन संदेशों के सोर्स और इस्तेमाल हुई डिजिटल आईडी खंगाल रही हैं।
अहमदाबाद में स्कूलों और स्टेडियम को मिली बम की झूठी धमकियों के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हैं. जांच में हैक किए गए ईमेल खातों की खरीद-बिक्री करने वाले संभावित नेटवर्क का भी पता चला है।
अहमदाबाद में एक ही दिन में बड़ी संख्या में धमकी भरे ई मेल मिलने के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. अहमदाबाद में नरेन्द्र मोदी स्टेडियम समेत विभिन्न स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले दो हालिया मामलों की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि धमकी भेजने वाले ईमेल खातों का संचालन बांग्लादेश और पाकिस्तान से किया गया था।
पूरे 19 धमकी भरे ई-मेल्स आने से पूरा पुलिस-प्रशासन अमला और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. इतने ई-मेल्स का यही अर्थ निकाला जा रहा है कि गुजरात को दहलाने का अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र रचा जा रहा है. मासूम बच्चों के स्कूल, स्टेडियम और न्याय के मंदिर सबको निशाना बनाने की धमकियों से पूरा शहर हाई-अलर्ट पर आ गया. गुजरात के इस आर्थिक राजधानी को धमकाने वाले मास्टरमाइंड की पड़ताल हो रही है।
27 अक्टूबर को दर्ज हुए मामले में 19 स्थानों को निशाना बनाया गया, इससे पहले मामला सात अक्टूबर को दर्ज किया गया था. इसमें 16 स्थानों, जिनमें 10 स्कूल, गुजरात हाई कोर्ट और नरेन्द्र मोदी स्टेडियम शामिल हैं।
साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में जो खुलासा हुआ है, उससे यही पता चलता है कि इन धमकी भरे मेल के पीछे कोई स्थानीय उपद्रवी तत्व नहीं है, बल्कि इन धमकियों के तार सीधे सरहद पार पाकिस्तान से जुड़े हैं. बांग्लादेश से हैक की गई आईडी खरीदी गईं।







