छत्तीसगढ़मुंगेली 

4 करोड़ की पुल परियोजना पर सवाल, लोडेड वाहन चढ़ते ही भरभराकर गिरा स्लैब,डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया तकनीकी चूक, विपक्ष ने मांगी उच्च स्तरीय जांच

मुंगेली (विश्व परिवार)। जिले में अमरटापू धाम और भरवागुड़ा को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे करोड़ों रुपये की लागत वाले पुल का स्लैब गिरने का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गया है। घटना का एक लाइव वीडियो सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि निर्माणाधीन पुल पर मटेरियल से लदी एक गाड़ी आगे बढ़ती है। जैसे ही वाहन स्लैब के ऊपर पहुंचता है, संरचना पर दबाव बढ़ जाता है और कुछ ही क्षणों में स्लैब भरभराकर नीचे गिर पड़ता है। घटना के समय पुल पर कई श्रमिक काम कर रहे थे, जो समय रहते वहां से हट गए। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
वीडियो के बाद गुणवत्ता पर उठे सवाल
वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माणाधीन पुल का स्लैब एक लोडेड वाहन का दबाव नहीं झेल सका, तो भविष्य में इसकी मजबूती और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होना स्वाभाविक है।
4 करोड़ 2 लाख रुपये की है परियोजना
जानकारी के अनुसार अमरटापू धाम से भरवागुड़ा को जोड़ने वाले इस पुल का निर्माण लगभग 4 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस कार्य का आदेश दिसंबर 2024 में जारी किया गया था और छह माह के भीतर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। परियोजना में देरी को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। इसके अलावा निर्माण कार्य में बिना माइनिंग विभाग की अनुमति के मिट्टी उपयोग किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
मुंगेली दौरे पर पहुंचे कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता के दौरान इस घटना को गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री का यह गृह जिला है और यदि मंत्री के गृह जिले में ही निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिर रहा है, तो प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया तकनीकी चूक
मामले पर उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के मंत्री अरुण साव का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मटेरियल से लदी गाड़ी निर्धारित सीमा से आगे बढ़ गई थी, जिससे स्लैब पर अतिरिक्त दबाव पड़ा और वह गिर गया।
अरुण साव ने कहा कि घटना को जिस प्रकार प्रस्तुत किया जा रहा है, वास्तविक स्थिति वैसी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक की जानकारी में किसी प्रकार के भ्रष्टाचार की बात सामने नहीं आई है। उनके अनुसार यह निर्माण कार्य के दौरान हुई एक तकनीकी चूक है और ऐसे कार्यों में कभी-कभी इस प्रकार की घटनाएं हो जाती हैं।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले में विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी है। एक ओर विपक्ष निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर हमला बोल रहा है, वहीं सरकार इसे तकनीकी त्रुटि बता रही है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे पुल का स्लैब किन परिस्थितियों में गिरा और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

 

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