रायपुर (विश्व परिवार)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर रेल मंडल द्वारा स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल द्वारा 23 एवं 24 सितम्बर 2026 को “जन भागीदारी के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता गतिविधियों का आयोजन किया गया । अभियान के दौरान रेलवे कॉलोनियों, स्टेशनों, विद्यालयों, अस्पतालों एवं कार्यशालाओं में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, होम कम्पोस्टिंग तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के संबंध में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई ।
रेलवे कॉलोनियों में घर-घर पहुंचकर जागरूकता
अभियान के अंतर्गत नामित कर्मचारियों-अधिकारियों एवं सामुदायिक प्रतिनिधियों द्वारा डब्लू आर एस रेलवे कॉलोनी एवं अन्य रेलवे कॉलोनियों में घर-घर जाकर लोगों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम- 2026 के प्रावधानों एवं कचरे के स्रोत पर चार-तरफा पृथक्करण के बारे में जागरूक किया जा रहा है। अभियान का प्रमुख संदेश “अब दो नहीं, चार” है, जिसके माध्यम से घरों में निकलने वाले कचरे को निर्धारित श्रेणियों में अलग-अलग रखने तथा उचित निस्तारण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ रिसाइक्लिंग एवं पुन: उपयोग को बढ़ावा देना है।
होम कम्पोस्टिंग को दिया जा रहा बढ़ावा
रेलवे कॉलोनियों में घर पर ही जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए होम कम्पोस्टिंग के प्रति जागरूकता पैदा की जा रही है। साथ ही रेलवे कॉलोनियों, अस्पतालों एवं कार्यशालाओं में बायो कम्पोस्ट सुविधाओं के उपयोग एवं प्रसार को प्रोत्साहित किया गया । जिससे जैविक कचरे का स्थानीय स्तर पर उपयोग कर उसे उपयोगी खाद में परिवर्तित किया जा सके।
“सिंगल यूज प्लास्टिक को कहें ना” का संदेश
अभियान के दौरान “सिंगल यूज प्लास्टिक को कहें ना” का संदेश देते हुए स्टेशन के वेंडिंग क्षेत्रों में कपड़े के थैलों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों को प्लास्टिक के विकल्प के रूप में पुन: उपयोग योग्य कपड़े के थैलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रेलवे स्टेशनों पर स्थापित प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों के रखरखाव एवं प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। मशीनों के माध्यम से प्लास्टिक बोतलों को क्रश कर उनके पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है।
“नेकी की दीवार” एवं RRR केन्द्रों को मिलेगा नया स्वरूप
अभियान के अंतर्गत दुर्ग स्टेशन सहित अन्य रेलवे स्टेशनों एवं रेलवे कॉलोनियों में “नेकी की दीवार” के माध्यम से उपयोग में नहीं आ रहे लेकिन पुन: उपयोग योग्य कपड़े, किताबें, घरेलू सामग्री एवं अन्य वस्तुओं को एकत्रित कर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने को प्रोत्साहित किया गया ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल द्वारा स्वच्छता अभियान को केवल एक निर्धारित अवधि की गतिविधि न मानकर इसे निरंतर जनभागीदारी एवं व्यवहार परिवर्तन का माध्यम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवारों, यात्रियों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता से स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल रेलवे परिसर के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।







