रायपुर (विश्व परिवार)। राजधानी रायपुर में पत्रकार की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव में खुलेआम गांजा सेवन की खबर प्रसारित करने के बाद पत्रकार वकार आलम को फोन पर अश्लील गालियां देने और जान से मारने की धमकी दी गई। पत्रकार की शिकायत पर पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस बीच धमकी भरे फोन कॉल की कथित रिकॉर्डिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले खरोरा क्षेत्र के ग्राम मांठ में खुलेआम गांजा सेवन किए जाने का वीडियो सामने आया था। मामले को गंभीर मानते हुए जनपद पंचायत तिल्दा-नेवरा की उपाध्यक्ष दुलारी वर्मा ने 28 जुलाई को थाना खरोरा में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में कहा गया था कि बाहरी युवक गांव के तालाब पार क्षेत्र में आकर गांजा सेवन करते हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है और स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं एवं युवाओं में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
इसी मामले को प्रमुखता से प्रसारित किए जाने के बाद पत्रकार वकार आलम ने आरोप लगाया है कि 4 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे उनके मोबाइल नंबर 9753034247 पर मोबाइल नंबर 9243845004 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को शशांक सिंह ठाकुर बताते हुए पहले अश्लील गालियां दीं और फिर कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी।
पत्रकार का दावा है कि कॉल के दौरान आरोपी ने कहा, “मैं पैसा लेकर गेम बजाता हूं। अगला नंबर तेरा है। बहुत पत्रकारिता करने का शौक चढ़ा है। मेरा नाम शशांक सिंह ठाकुर है, बिलासपुर का हूं और रायपुर में वॉल फोर्ट सिटी में रहता हूं। आ, तेरा भी गेम बजाऊंगा।”
वकार आलम के मुताबिक उस समय उनका मोबाइल स्पीकर मोड पर था और उनके साथ मौजूद पत्रकार साथी योगेश यादव और हितेश कुमार यादव ने भी पूरी बातचीत सुनी। पत्रकार का कहना है कि धमकी के बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए तत्काल पुलिस से शिकायत की।
शिकायत के आधार पर पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 296, 351(2) और 351(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब रायपुर में कमिश्नरेट पुलिस व्यवस्था लागू है। ऐसे में एक पत्रकार को उसके पेशेगत कार्य से जुड़े मामले में धमकी मिलने की घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। कॉल रिकॉर्डिंग की सत्यता और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण जांच का हिस्सा होगा। आरोपी पक्ष की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







