- ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’: युवा नेता मोंटी जोशी के जन्मदिन पर उमड़ा जनसैलाब, संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति ने मनाया जन्मोत्सव
रायपुर (विश्व परिवार)। राजधानी रायपुर में प्रख्यात समाजसेवी एवं ओजस्वी युवा नेता विवेक जोशी (मोंटी जोशी) का जन्मदिवस अत्यंत गरिमामय, धार्मिक एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस जन्मोत्सव कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के संस्थापक कुबेर राठी ने किया। आयोजन के दौरान सर्वधर्म समभाव, सामाजिक सरोकार और सनातन परंपरा की अनुपम छटा देखने को मिली।
युवा नेता मोंटी जोशी के जन्मोत्सव के अवसर पर समाज के प्रत्येक वर्ग और विभिन्न समुदायों के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों, युवाओं और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। उपस्थित जनसमूह ने उन्हें पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं फूलमालाएं पहनाकर दीर्घायु व उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।
इस अवसर पर समिति के संस्थापक कुबेर राठी ने विवेक जोशी को आत्मीय आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान करते हुए कहा कि विवेक जोशी केवल एक युवा नेता नहीं, बल्कि युवाओं के लिए ऊर्जा और सकारात्मक सेवा-भाव के प्रतीक हैं। सनातन संस्कृति हमें सिखाती है कि नेतृत्व वही श्रेष्ठ है जो सेवा, समर्पण और परोपकार की नींव पर खड़ा हो। संकट मोचन हनुमान जी महाराज की असीम कृपा मोंटी जोशी पर सदैव बनी रहे और वे इसी निष्ठा के साथ समाज, धर्म एवं जनसेवा के पथ पर अग्रसर रहें।
जन्मदिवस पर गौ-माता का पूजन
भारतीय वैदिक परंपरा और पौराणिक मान्यताओं को चरितार्थ करते हुए विवेक जोशी ने अपने जन्मोत्सव की शुरुआत गौ-माता की सेवा और आराधना से की। उन्होंने सविधि गौ-माता को अपने हाथों से हरी घास, अनाज, गुड़ और चना खिलाया तथा चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
गौ-पूजन के उपरांत अपने विचार व्यक्त करते हुए विवेक जोशी (मोंटी जोशी) ने कहा कि हमारी पौराणिक संस्कृति में गौ-माता को तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का निवास माना गया है। ‘गावो विश्वस्य मातरः’ अर्थात् गाय ही समस्त जगत की माता हैं। जन्मदिन जैसे पावन अवसर पर गौ-माता और बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त करना जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। सेवा का यह संकल्प केवल शब्दों तक सीमित न रहे, बल्कि हमारे कर्मों में भी परिलक्षित होना चाहिए।
युवा नेता विवेक जोशी ने जन्मोत्सव को अविस्मरणीय बनाने के लिए श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति, संस्थापक कुबेर राठी और उपस्थित समस्त शुभचिंतकों का हृदयतल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रायपुर की जनता और युवाओं का यह अपार स्नेह और विश्वास ही उनकी वास्तविक ताकत है, जो उन्हें सदैव समाज के वंचित व जरूरतमंद वर्ग की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।







