रायपुर (विश्व परिवार)। 6 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12:38 बजे एक छोटे बच्चे की सजगता और स्टेशन मास्टर आनंद उपाध्याय की तत्परता से एक महिला की जान बच गई। घटना उस समय हुई, जब आनंद उपाध्याय ड्यूटी पर तैनात थे और ट्रेन के लिए सिग्नल के आदान-प्रदान के सिलसिले में प्लेटफॉर्म पर पहुंचे थे।
इसी दौरान एक घबराया हुआ बच्चा उनके पास पहुंचा और बताया कि उसकी मौसी ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान देने वाली हैं। बच्चे की बात सुनते ही आनंद उपाध्याय तत्काल बताए गए स्थान की ओर दौड़े। वहां उन्होंने देखा कि एक महिला रेलवे ट्रैक के बेहद करीब खड़ी थी और उसी दिशा में तेज गति से मालगाड़ी आ रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन मास्टर ने तुरंत महिला का हाथ पकड़कर उसे ट्रैक से दूर खींच लिया। महिला को सुरक्षित हटाने के कुछ ही सेकंड बाद मालगाड़ी वहां से गुजर गई। इस त्वरित कार्रवाई से संभावित हादसा टल गया।
घटना के बाद आनंद उपाध्याय ने महिला और दोनों बच्चों को संभाला और उन्हें पानी पिलाया। उन्होंने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सूचना दी। मौके पर पहुंची RPF टीम ने महिला की काउंसलिंग की। कुछ देर बाद महिला की माता भी स्टेशन पहुंचीं और अपनी बेटी को सुरक्षित घर ले गईं।
इस घटना में बच्चे की सजगता और स्टेशन मास्टर आनंद उपाध्याय की तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेल प्रशासन ने उनके साहसिक और मानवीय कार्य की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है।







